अमृतसर में लैंड पूलिंग नीति के खिलाफ आज सैकड़ों किसान डीसी ऑफिस में धरना देने पहुंचे। किसानों ने डीसी ऑफिस के सामने नारेबाजी की और कहा कि जल्द से जल्द इस नीति के नोटिफिकेशन को रद्द किया जाए। वहीं पिछले साल ओलावृष्टि से खराब हुई फसल के मुआवजे की भी मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन एकता के प्रधान कश्मीर सिंह की अगुवाई में यह धरना दिया गया। जिला प्रेस सचिव भगेल सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार लैंड पूलिंग नीति के तहत किसानों को उजड़ना चाहती है और उनकी जमीनों पर कब्जा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से विश्व व्यापार संस्था, वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मुद्रा कोष संस्था के आदेशों और कॉरपोरेट कंपनियों की मिलीभगत के तहत किसानों की उपजाऊ जमीन को जबरन एक्वायर करना चाहते हैं। इसके तहत लैंड पूलिंग नीति में अमृतसर के 22 गांवों की जमीन के लिए नोटिफिकेशन निकाला गया है। अमृतसर के गांवों की 4464 एकड़ जमीन एक्वायर की जाएगी जो कि किसानों के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि वो किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे। जिसके लिए वो विरोध कर रहे हैं और जब तक यह नोटिफिकेशन कैंसिल नहीं किया जाएगा वो विरोध जारी रखेंगे। ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का मुआवजा का वादा अधूरा
इस दौरान किसानों ने पिछले साल ओलावृष्टि से खराब हुई फसल के लिए अनाउंस किए गए मुआवजे की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पिछली बार गेहूं के सीजन में सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने गांवों का दौरा कर किसानों को मुआवजा देने का वादा किया था। लेकिन आज तक वो मुआवजा दिया नहीं गया है और किसान अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त बिजली 2020 नोटिफिकेशन भी रद्द किया जाए जिसके तहत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस अवसर पर जसपाल सिंह, परमिंदर सिंह, जगजीवन सिंह आदि उपस्थित थे।।


