बिलासपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप और कांग्रेस पार्षद दल ने कक्ष आवंटन की मांग को लेकर विकास भवन के गेट पर धरना दिया। कश्यप ने कहा कि कमरा मिलने तक विपक्षी पार्षद जमीन पर बैठकर वार्डवासियों की समस्याओं का समाधान करेंगे। महापौर पूजा विधानी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संगठन की ओर से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पत्र मिलते ही कमरा आवंटित कर दिया जाएगा। महापौर ने याद दिलाया कि पिछली सामान्य सभा में कांग्रेस पार्षदों ने कहा था कि उनका हर पार्षद नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएगा। स्वच्छता पुरस्कार कांग्रेस सरकार की देन- नेता प्रतिपक्ष स्वच्छता पुरस्कार को लेकर भी दोनों पक्षों में वाक्युद्ध हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि यह पुरस्कार कांग्रेस सरकार की देन है। महापौर ने जवाब दिया कि अगर ऐसा है तो कांग्रेस के पांच साल के शासनकाल में निगम को पुरस्कार क्यों नहीं मिला। भरत कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्षदों के सहयोग से ही निगम को प्रेसिडेंट्स अवार्ड मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के विकास और स्वच्छता के मामले में भाजपा-कांग्रेस का भेद नहीं होना चाहिए। 4 महीने पहले निगम को लिखा था लेटर नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि 4 महीना पहले नगर निगम आयुक्त को कांग्रेस पार्षद दल ने एक पत्र दिया था> जिसमें कांग्रेस पार्षदों के बैठने और नेता प्रतिपक्ष के लिए कक्ष आबंटित करने की मांग की गई थी। लेकिन आज तक कांग्रेस पार्षद दल के लिए बैठक व्यवस्था नहीं की गई, इसलिए मजबूर होकर आज विकास भवन के सामने धरना प्रदर्शन करना पड़ा। निगम का कामकाज करने में कठिनाई कांग्रेस पार्षद भरत कश्यप, संतोषी रामा बघेल, पुष्पेंद्र साहू ने कहा कि जनता ने भाजपा का महापौर चुना है। लेकिन कांग्रेस पार्षद दल को भी वार्ड की जिम्मेदारी दी है। निगम के विकास भवन में विपक्ष के लिए बैठक व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें नगर निगम का कामकाज करने में कठिनाई हो रही है। इसलिए गेट पर ही अस्थाई कार्यालय बनाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भी नेता प्रतिपक्ष को विकास भवन में बैठक कक्ष दिया गया था । महापौर पर लगाए भेदभाव के आरोप कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि भाजपा पार्षदों के बैठने की व्यवस्था विकास भवन में की गई थी। लेकिन भाजपा की शहर सरकार में महापौर यहां राजनीतिक भेदभाव कर रही हैं। जबकि शहर विकास के मुद्दे पर राजनीति नहीं होना चाहिए।


