बारिश में तिरपाल लगाकर जलाते है चिता:बलौदाबाजार के फूडरडीह गांव में 1800 की आबादी, मुक्तिधाम नहीं; जनपद CEO ने मांगा प्रस्ताव

बलौदाबाजार जिले के पलारी ब्लॉक स्थित फूडरडीह गांव में मुक्तिधाम की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 1,800 की आबादी वाले इस गांव में बारिश के मौसम में स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। हाल ही में 12 जुलाई को गांव के 48 वर्षीय मनहरण वर्मा की मौत के बाद यह समस्या फिर सामने आई। अंतिम संस्कार के दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई। ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। त्रिपाल के नीचे ही शव को रखकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। त्रिपाल के सहारे जलाते है चिता ग्रामीण अशोक वर्मा के अनुसार, गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार एक बड़ी चुनौती बन जाता है। तिरपाल के सहारे ही चिता जलाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। इस मुद्दे पर जनपद सदस्य अनीता प्रवीण धुरंधर ने कहा, कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 21वीं सदी में भी हमारे गांव में मुक्तिधाम नहीं है। मौत के बाद भी लोगों को इतनी परेशानी उठानी पड़ती है, यह मानवता के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि मैं इस गांव में मुक्तिधाम बनवाने के लिए शीघ्र पहल करूंगी। जनपद सीईओ पन्ना लाल धुर्वे ने कहा कि ग्राम पंचायत प्रस्ताव बनाकर दे दे तुरंत मुक्तिधाम बन जाएगा ।

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