पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने श्रद्धांजलि दी। संयम लोढ़ा ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह भारत की अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुधार के प्रणेता थे। उन्होंने एक नए मध्यम वर्ग और विकास, बहुराष्ट्रीय कंपनियों को जन्म दिया और आर्थिक समृद्धि लाई। सिंह ने आम लोगों को सुदृढ़ करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। जब दुनिया में मंदी चल रही थी, तब उन्होंने भारत को मंदी से बचाया था। लोढ़ा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की देश की आर्थिक नीतियों पर गहरी छाप रही है और उन्होंने ही भारतीय व्यापार नीति पर अपनी एक पुस्तक के जरिए सबसे पहले भारत के व्यापार नीति की आलोचना की थी और फिर उसे सही दिशा में प्रर्वत किया। देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनके लिए गए फैसले से वंचित तबके के लोगों को सर्वाधिक लाभ हुआ और वह गरीबी की रेखा के नीचे से बाहर आकर मध्यम वर्ग में करोड़ों परिवारों ने प्रवेश किया। उन्होंने कई कानून बनाए, जिससे भारत की जनता हर दृष्टि से सक्षम हुई, मजबूत हुई। पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ आप सिर्फ बोल सकते थे और गोपनीयता का ऐसा जाल सरकारी दस्तावेज के इर्द गिर्द था, जिसके दरवाजे मनमोहन सिंह की सरकार ने खोले और देश की जनता को सूचना का अधिकार मिला। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने महात्मा गांधी मनरेगा गारंटी योजना लागू करके न केवल ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार का अधिकार दिया, बल्कि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोढ़ा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एक सरल, कर्मठ, योग्य, ईमानदार व्यक्तित्व्य के रूप में पूरी दुनिया में छाप है। सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में उन्हें बेहद सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। उनके जीवनकाल के अनेक उदाहरण हमारे सामने हैं, जिसने भारत का गौरव बढ़ाया है। ऐसे नेता के निधन से हम सभी को अपूर्णीय क्षति हुई है।


