झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम को लंबित नक्शा पास करने में तेजी लाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि है जब तक पर्याप्त लीगल अफसर की नियुक्ति नहीं होती, तब तक पूर्व की व्यवस्था से ही नक्शा पास किया जाए। एक्टिंग चीफ जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने सुनवाई के दौरान रांची नगर निगम के प्रशासक को भी तलब किया। जिसके बाद द्वितीय पाली में निगम के प्रशासक सुशांत गौरव अदालत में हाजिर हुए। कोर्ट ने प्रशासक से पूछा की नक्शा पास करने का काम धीमा क्यों है और इसमें इतनी देरी क्यों हो रही है। प्रशासक ने अदालत को बताया कि अभी पर्याप्त लीगल अफसर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस वजह से नक्शा पास करने में कठिनाई आ रही है। इस पर अदालत ने कहा िक जब तक पर्याप्त लीगल अफसर नियुक्त न हो जाए, तब तक पूर्व की तरह ही नक्शा पास करें और काम में तेजी लाएं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को निर्धारित की है। कोर्ट ने लॉ ऑफिसर की नियुक्ति पर जल्द निर्णय लेने का दिया था निर्देश इस मामले में पूर्व में हुई सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि नियमों के अनुसार नक्शा पास करने के तीसरे स्टेज में लीगल अफसर को कागजात की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट अग्रसारित की जाती थी। इस व्यवस्था को बदल कर अपर प्रशासक को जांच का जिम्मा दिया गया है। इस पर निगम की ओर से बताया गया था कि नियम बदलने का प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। एसओपी के तहत नक्शा स्वीकृत लीगल अफसर को ही देखना है। इस पर कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि नियम में जो बदलाव करना है, उसे जल्द करें और लॉ अफसर की नियुक्ति पर जल्द निर्णय लें। इस पर निगम की ओर से बताया गया था कि नक्शा स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहायक लीगल अफसर को लीगल अफसर का प्रभार दिया गया है। 25 अप्रैल से नक्शा पास होने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस संबंध में कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है। इधर, शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार कंपनी के महाप्रबंधक सुधीर दास को जमानत नहीं शराब घोटाले के आरोप में जेल में बंद झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के वित्त महाप्रबंधक सुधीर कुमार दास को अदालत ने जमानत देने से इनकार किया है। उसकी ओर से दाखिल जमानत याचिका पर मंगलवार को एसीबी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई पश्चात अदालत ने याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया था। एसीबी ने सुधीर कुमार दास को 21 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में ही है। उसने 18 जून को जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की थी।


