प्रदेश के स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन किया जाएगा। इस अभियान प्राथमिक से हायर सेकेंडरी तक की कक्षाओं में लागू किया जाएगा। इसके तहत जिलों की रैंकिंग और स्कूलों की ग्रेडिंग पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को चिट्ठी भेजी है। चिट्ठी में कहा गया है कि जिले के सभी स्कूलों का निर्धारित तिथि में सोशल ऑडिट करवाना होगा इसके तहत लोगों से मिलकर बच्चों के स्तर का आंकलन कर स्कूलों की ग्रेडिंग की जाएगी। इसके बाद चुने गए स्कूलों जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दो-दो स्कूल आबंटित किये जाएंगे जो वहां की लगातार मॉनिटरिंग कर वहां सुधार लाने में सहयोग करेंगे। इसके लिए जिले के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागीय अधिकारियों की सूची तैयार कर स्कूल शिक्षा विभाग को भेजी जाए। इसी तरह शिक्षा विभाग का अमले को नियमित रूप से स्कूलों के निरीक्षण में लगाकर बच्चों में स्थानीय भाषाई एवं गणितीय कौशल विकास पर फोकस करना होगा ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्य को पाया जा सके। बच्चों की उपलब्धि में सुधार के साथ-साथ स्कूलों का कायाकल्प भी होना आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। सभी हाई-हायर सेकेंडरी स्कूलों को शाला संकुल के रूप में विकसित किया जा रहा है।


