राज्य की स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई में कुलपति की नियुक्ति 9 महीने गुजरने के बाद भी नहीं हो सकी है। इसकी वजह विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्ति के लिए कुलाधिपति द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय सर्च कमेटी में मनोनीत सदस्यों का बार – बार बदला जाना है। यह स्थिति तब है जबकि कुलपति सिलेक्शन के लिए बनी तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए पांच उम्मीदवारों के नामों का पैनल कुलाधिपति (राज्यपाल) को जनवरी 2025 में सौंप दिया था। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय सूत्रों ने बताया कि 11 सितंबर 2024 को यूनिवर्सिटी में कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए गए थे। प्रदेश की अलग – अलग संस्थाओं में कार्यरत 58 शिक्षाविदों ने यूनिवर्सिटी कुलपति पद के लिए आवेदन किया था। जनवरी 2025 में बनी सर्च कमेटी ने उम्मीदवारों के आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद पांच उम्मीदवारों के नामों का पैनल कुलाधिपति (राज्यपाल) को सौंप था। इसके चार महीने बाद नई अधिसूचना जारी कर सर्च कमेटी में शामिल रहे दो सदस्य को बदल दिए गए। पांच प्रोफेसरों के नाम का पैनल सौंपा था यूनिवर्सिटी अफसरों ने बताया कि कुलपति नियुक्ति के लिए जनवरी 2025 में बनी सर्च कमेटी का अध्यक्ष गुवाहाटी एम्स के डायरेक्टर डॉ. अशोक पुराणिक को बनाया गया था। जबकि तकनीकी विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद सदस्य एवं कर्नाटक स्टेट इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष एचपी किंचा और आईआईटी मंडी (हिमांचल प्रदेश) की डायरेक्टर डॉ. लक्ष्मीधर बेहरा को बतौर सदस्य शामिल किया था। इस कमेटी ने कुलपति पद के लिए पांच प्रोफेसरों के नाम का पैनल कुलाधपति को सौंपा था। पैनल के आधार नए कुलपति की नियुक्ति होनी थी। इस बीच 6 जून को सर्च कमेटी में दो नए सदस्यों को मनोनीत किया गया। कमेटी में किंचा और डॉ. बेहरा के स्थान पर रायपुर एम्स की प्रोफेसर डॉ. रेणु राजगुरू और छत्तीसगढ़ के रिटायर ब्यूरोक्रेट सुयोग्य कुमार मिश्रा को शामिल किया गया है। 12 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया …11 ही आए सर्च कमेटी ने यूनिवर्सिटी कुलपति पद के लिए उम्मीदवारों के सिलेक्शन के लिए 16 जुलाई को राजभवन में मीटिंग की थी। इस मीटिंग में 12 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 11 दावेदारों ने कमेटी को इंटरव्यू किया। जबकि एक उम्मीदवार इंटरव्यू के समय गैर हाजिर रहा। विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति की कार्रवाई में तेजी लाने के लिए सर्च कमेटी का पुनर्गठन किया गया है। पहले की सर्च कमेटी में शामिल सदस्य मीटिंग में पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। इस कारण कमेटी में दो नए सदस्यों को शामिल किया गया है। – सीआर प्रसन्ना, राज्यपाल के सचिव , राजभवन छत्तीसगढ़


