छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के चक्काजाम के दौरान संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला और रायपुर जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे के बीच विवाद हो गया। दोनों के बीच बहस का वीडियो वायरल हो रहा है। इसे लेकर सुशील आनंद शुक्ला और गिरीश दुबे ने कहा कि प्रदर्शन जल्दी शुरू करने को लेकर कुछ गलतफहमी हुई थी। इस विवाद में अब कांग्रेस की पूर्व प्रवक्ता और बीजेपी ने राधिका खेड़ा कूद पड़ी हैं। उन्होंने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि जो रवैया शहर जिला अध्यक्ष के साथ किया गया है। इससे भी बुरा बर्ताव मेरे साथ किया गया था। यही उंगली, और यही गाली-गलौज उन्होंने पहले भी झेली है। खेड़ा ने आगे कहा कि मेरे साथ जब दुर्व्यवहार हुआ था तब किसी कांग्रेसी ने मेरा साथ नहीं दिया, इसलिए आज ऐसा बर्ताव शहर जिला अध्यक्ष के साथ हुआ है। लेकिन न पहले सुशील आनंद शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई हुई थी न आज हुई है। राधिका ने कहा कि भूपेश बघेल की पाठशाला के सबसे होनहार विद्यार्थी सुशील आनंद शुक्ला ने 30 अप्रैल 2024 की शाम को कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में उनके साथ भी इसी तरह दुर्व्यवहार किया था। उस समय कोई नेता उनके समर्थन में नहीं आया, उल्टा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने उन्हें मंच दिया और मेरा चरित्र हनन करने की कोशिश की गई। कांग्रेस नेताओं में रीढ़ की हड्डी नहीं राधिका खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कल मेरे साथ दुर्व्यवहार हुआ था और आज गिरीश दुबे हैं, और कल शायद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी भी हो। कांग्रेस के नेताओं ने में न कल रीढ़ थी, न आज है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा, भूपेश की पाठशाला के टॉपर को बचाने के लिए पूरी पार्टी बंधक बन चुकी है। खेड़ा ने सवाल उठाया कि सुशील शुक्ला के पास ऐसा क्या वीडियो या दस्तावेज है कि पूरी कांग्रेस उनके सामने मजबूर नजर आ रही है। झूठे आरोप लगा रहीं राधिका- कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला पर लगाए गए आरोपों के बाद अब कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बयान जारी करते हुए राधिका खेड़ा के आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है। धनंजय ठाकुर ने कहा, “राधिका खेड़ा जैसे कई लोग लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए गए थे। आज उनकी भाजपा में क्या स्थिति है, यह किसी से छिपा नहीं है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राधिका को भरपूर मान-सम्मान दिया, लेकिन आज वे जिस भाजपा में गई हैं, वहां उनका राजनीतिक वजूद ही संकट में है। ठाकुर ने कहा कि राधिका खेड़ा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में केवल 2000 वोट ही मिले। ऐसे में उन्हें छत्तीसगढ़ की राजनीति से ज्यादा अपने राजनीतिक अस्तित्व को दिल्ली में बचाने पर ध्यान देना चाहिए। मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठे और निराधार आरोप लगाती रहती हैं। राधिका को आत्मावलोकन कर राजनीतिक शुचिता के साथ काम करना चाहिए। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। वीडियो पर सुशील आनंद और दुबे ने क्या कहा वायरल वीडियो पर सुशील आनंद शुक्ला और गिरीश दुबे ने कहा कि सुशील चक्काजाम कर प्रदर्शन जल्दी शुरू करने कह रहे थे, लेकिन गिरीश का कहना था कि बड़े नेताओं को आने दो उसके बाद प्रदर्शन शुरू किया जाए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच में मिसअंडरस्टेंडिंग हो गई और तू-तू मैं-मैं का वीडियो वायरल किया जा रहा है।


