अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को गोल्डन डोम प्रोजेक्ट से हटा सकते हैं। यह एक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जिसका मकसद अमेरिका को विदेशी हवाई हमलों से बचाना है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 175 अरब डॉलर के इस अहम प्रोजेक्ट के लिए ट्रम्प प्रशासन ने नए विकल्पों को तलाशना शुरू कर दिया है। स्पेसएक्स की जगह इस बार जेफ बेजोस की कंपनी अमेजन के प्रोजेक्ट कुइपर को मौका मिल सकता है। इसके अलावा कई दूसरी बड़ी डिफेंस कंपनियां भी रेस में हैं। ट्रम्प और मस्क के बीच पिछले दो महीनों से जारी विवाद को इस बदलाव के पीछे की वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक स्पेसएक्स ने भी इस परियोजना में रुचि नहीं दिखाई है। क्या है गोल्डन डोम प्रोजेक्ट अमेरिका ने इजराइल के आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तर्ज पर अपना डिफेंस सिस्टम गोल्डन डोम बनाने का फैसला किया है। ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के एक हफ्ते बाद ही गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का ऐलान किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोल्डन मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए 1200 से ज्यादा सैटेलाइट्स लॉन्च करने की योजना बनाई गई है। इसकी मदद से अमेरिका दुश्मन मिसाइलों का अंतरिक्ष में ही पता लगाकर उन्हें नष्ट करने की तैयारी कर रहा है। इनमें 400 से 1000 सैटेलाइट्स दुश्मन मिसाइलों की पहचान और ट्रैकिंग के लिए तैनात किए जाएंगे। वहीं, लगभग 200 इंटरसेप्टर सैटेलाइट्स उन मिसाइलों को अंतरिक्ष में ही मार गिराने के लिए तैयार की जाएंगी। यह डिफेंस सिस्टम दुनिया के किसी भी हिस्से से लॉन्च होने वाली मिसाइलों को रोकने में सक्षम होगा। ट्रम्प ने दावा किया है कि गोल्डन डोम अंतरिक्ष से हुए हमलों को भी रोकने के काबिल होगा। प्रोजेक्ट को लॉन्च करने के लिए काम शुरू गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर करीब 175 बिलियन डॉलर, यानी 14.52 लाख करोड़ रुपए का खर्च आएगा। ट्रम्प ने शुरुआत में 25 बिलियन डॉलर (लगभग 2.05 लाख करोड़ रुपए) खर्च करने की मंजूरी दे दी है। 17 जुलाई को सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद स्पेस फोर्स के जनरल माइकल गुएटलीन को इस प्रोजेक्ट की कमान सौंप दी गई है। वे ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सैन्य अधिकारियों में से एक माने जाते हैं। उन्हें 30 दिन में टीम बनानी है, 60 दिन में डिजाइन और 120 दिन में पूरी योजना तैयार करनी है। स्पेसएक्स और अमेजन में कौन बेहतर स्पेसएक्स ने अब तक 9 हजार से ज्यादा स्टारलिंक सैटेलाइट लॉन्च किए हैं। कंपनी के पास सरकारी खरीद प्रक्रिया का लंबा अनुभव है। इस वजह से कंपनी अब भी गोल्डन के कुछ प्रमुख हिस्सों, खासकर लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए सबसे आगे है। अमेजन के प्रोजेक्ट कुईपर ने अभी केवल 78 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं, लेकिन पेंटागन ने कंपनी को प्रोजेक्ट में शामिल होने का न्योता दिया है। यह संकेत है कि अब सरकार पारंपरिक रक्षा कंपनियों के साथ-साथ टेक फर्म्स को भी इस डिफेंस सिस्टम में जोड़ना चाहती है। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने जनवरी में कहा था कि कुइपर भले ही एक कॉमर्शियल प्रोजेक्ट है, लेकिन इसकी सैन्य उपयोगिता से इनकार नहीं किया जा सकता। मस्क ने ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट बंद करने की धमकी दी थी, फिर वापस ली ट्रम्प ने मस्क को सब्सिडी खत्म करने की धमकी दी थी, इस पर मस्क ने कहा था- राष्ट्रपति की तरफ से मेरा सरकारी कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के बयान के मद्देनजर, स्पेस एक्स तुरंत अपने ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को बंद करने पर काम करेगा। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने कहा कि वे ऐसा नहीं करेंगे। ड्रैगन यान नासा के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यह अंतरिक्ष यात्रियों और कई जरूरी सामान को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचाता है। अगर मस्क सच में इसे बंद कर देते, तो ISS का भविष्य और भी मुश्किल में पड़ सकता था क्योंकि उसकी हालत पहले से ही खराब है और उसके पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। ट्रम्प और मस्क के रिश्ते बनने से लेकर बिगड़ने तक की कहानी यहां पढ़ें… ———————————- यह खबर भी पढ़ें… इलॉन मस्क ने छोड़ा डोनाल्ड ट्रम्प का साथ:DOGE से दिया इस्तीफा, लिखा- मेरा टाइम पूरा हुआ, राष्ट्रपति के पसंदीदा बिल से हैं नाराज टेस्ला के मालिक और अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क ने ट्रम्प प्रशासन छोड़ दिया है। उन्होंने भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार सुबह 5.30 बजे सोशल मीडिया X पर यह जानकारी दी। मस्क ने कहा कि स्पेशल गवर्नमेंट एम्प्लॉई के तौर पर मेरा समय पूरा हुआ। उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को धन्यवाद भी दिया। ट्रम्प ने मस्क को डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का जिम्मा दिया था। जिसका काम सरकार की फिजूलखर्ची कम करना था। यहां पढ़ें पूरी खबर…


