बांग्लादेश प्लेन क्रैश- पायलट की आखिरी कोशिश:विमान को आबादी से दूर ले जाना चाहता था, लेकिन नाकाम रहा; मौत का आंकड़ा 31 हुआ

बांग्लादेश में वायुसेना के प्लेन क्रैश में मौत का आंकड़ा 31 हो गया है। इनमें 28 छात्र, 2 स्कूल स्टाफ और पायलट शामिल हैं। 165 घायल हैं। इनमें से 78 की हालत गंभीर है। 20 शव परिवारों को सौंप दिए गए हैं। क्रैश हुआ फाइटर जेट चीन में बना F-7BGI था। हादसा सोमवार दोपहर करीब 1 बजे हुआ। उस समय स्कूल में क्लासेस चल रही थीं और सैकड़ों छात्र वहां मौजूद थे। बांग्लादेशी सेना ने कहा- दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई। पायलट ने विमान को आबादी से दूर ले जाने की कोशिश की, लेकिन यह माइलस्टोन स्कूल कैम्पस से टकरा गया। घटना के कारण सरकार ने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। वायुसेना ने हाई लेवल जांच शुरू कर दी है। विमान हादसे की तस्वीरें… भारत ने मदद के लिए मेडिकल टीम भेजी भारत ने हादसे के पीड़ितों की मदद के लिए डॉक्टरों और नर्सों की एक विशेष मेडिकल टीम के साथ चिकित्सा उपकरणों की खेप बांग्लादेश रवाना की है। यह कदम भारत और बांग्लादेश के विदेश मंत्रालयों के बीच बातचीत के बाद उठाया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो अनुभवी बर्न यूनिट डॉक्टर और एक नर्सिंग ढाका गई है। जरूरत पड़ने पर और भी डॉक्टर भेजे जाएंगे। ब्रिटेन ने भी हादसे पर शोक प्रकट किया और ढाका स्थित अपने उच्चायोग में यूनियन फ्लैग को आधा झुका दिया। ब्रिटिश सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। चीन, जापान और श्रीलंका ने भी बांग्लादेश सरकार और नागरिकों के प्रति शोक संदेश भेजे हैं और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। हादसे में पायलट लेफ्टिनेंट मोहम्मद तौकीर इस्लाम की मौत इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने पुष्टि की है कि विमान के पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहम्मद तौकीर इस्लाम की हादसे में मौत हो गई है। अस्पतालों के बाहर ब्लड डोनेट करने पहुंच रहे लोग हादसे के बाद कई लोग अस्पताल के बाहर ब्लड डोनेट करने के लिए पहुंचे हैं। इन्हीं लोगों में शामिल एक महिला ने कहा- छोटे बच्चे मर रहे हैं। हम तो बस थोड़ा सा खून ही दे सकते हैं। ब्लड डोनेट करने के लिए लाइन में खड़े दूसरे लोगों ने कहा कि यहां छोटे बच्चे हैं। ये हमारे रिश्तेदार हो सकते थे, हमारे बच्चे हो सकते थे। इसलिए हम खून देने आए हैं। हादसे के वक्त पास की इमारत में मौजूद छात्रों ने बताया कि प्लेन उनकी बिल्डिंग से टकराया और अगली बिल्डिंग के गेट के पास गिर गया। इससे तुरंत ही वहां आग लग गई। माइलस्टोन स्कूल की आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले दो चचेरे भाई हादसे के वक्त स्कूल के पास मौजूद थे। दोनों के माता-पिता फोन पर बात करते हुए बार-बार रो पड़ रहे थे। दूसरी तरफ फायर सर्विस ने बताया है कि यह घटना दोपहर 1:18 बजे हुई और उनके यूनिट 1:22 बजे मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य में उत्तरा, टोंगी, पल्लबी, कूर्मिटोला, मीरपुर और पूर्वाचल के आठ फायर स्टेशन की 8 टीमें लगीं। यूनुस सहित दुनिया के नेताओं ने दुख जताया अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा इस विमान हादसे में वायुसेना के सदस्य, माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज के छात्र, अभिभावक, शिक्षक और कर्मचारी सहित जिन लोगों को नुकसान हुआ है, वह अपूरणीय है। यह देश के लिए एक बेहद दुखद क्षण है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारत-अमेरिका ने साथ देने की बात कही कई देशों ने इस घटना पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत जानमाल के नुकसान से गहरा स्तब्ध और दुखी है। उन्होंने हर संभव सहायता और देने का आश्वासन दिया। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी कहा कि वह इस दुर्घटना से बहुत दुखी है। विदेश विभाग के दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो से जारी बयान में कहा गया- बांग्लादेश वायु सेना के प्लेन क्रैश से हमें गहरा दुख हुआ है। हमारी संवेदनाएं उन घायलों और उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस कठिन समय में अपने प्रियजन को खो दिए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी PM इशाक डार ने भी हादसे पर दुख जताया। स्कूल पर गिरे चीनी विमान F-7BGI फाइटर जेट के बारे में जानिए F-7BGI बांग्लादेश एयरफोर्स (BAF) का मल्टीरोल फाइटर जेट है। यह चीन के चेंगदू J-7 फाइटर का एडवांस वर्जन है, जिसे सोवियत यूनियन के MiG-21 की तर्ज पर बनाया गया था। BAF ने 2011 से 2013 के बीच यह फाइटर खरीदा था। इसे थंडरकैट स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था। यह फाइटर एयर डिफेंस, ग्राउंड अटैक और समुद्री इलाकों में हमले जैसी कई भूमिकाओं में काम आता है। इस फाइटर जेट में 2 तोपों के साथ 7 हथियार लगाने वाले पॉइंट हैं। इन पर 3 हजार किलोग्राम तक की मिसाइलें और बम लगाए जा सकते हैं। यह PL-5 और PL-9 मिसाइल, लेजर गाइडेड बम और C-704 एंटी-शिप मिसाइल से लैस हो सकता है। 1984 के बाद सबसे घातक दुर्घटना सोमवार की जेट दुर्घटना 1984 के बाद बांग्लादेश में हुई सबसे घातक दुर्घटना थी। 1984 में, चटगांव से ढाका के लिए उड़ान भरने वाला एक यात्री जेट विमान तूफान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार सभी 49 लोग मारे गए थे। —————————————————— ये खबर भी पढ़ें… लॉस एंजिलिस में विमान के इंजन में आग लगी, VIDEO: डेल्टा एयरलाइंस के फ्लाइट की टेक ऑफ के कुछ देर बाद ही इमरजेंसी लैंडिंग अमेरिका के लॉस एंजिलिस में एक फ्लाइट के इंजन में टेक ऑफ के कुछ देर बाद ही आग लग गई। जिसके बाद फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। एविएशन A2Z की रिपोर्ट के मुताबिक, डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट DL446 लॉस एंजिलिस एयरपोर्ट से अटलांटा जा रही थी। पूरी खबर पढ़ें…

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