गुलाबी नगरी के सर्द मौसम और हल्की बारिश के बीच जयपुर यंग पोइट सोसाइटी की ओर से आयोजित पोएट्री ओपन माइक सीजन 4 ने एक यादगार शाम सजाई। इस कार्यक्रम में 75 से अधिक युवा कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम से इकट्ठा हुई धनराशि महिला उत्थान के लिए काम करने वाली एनजीओ, शक्ति फाउंडेशन को दी गई। इस कार्यक्रम की फाउंडर प्रियल गुलाटी ने बताया कि सिंगिंग और स्टैंडअप कॉमेडी के लिए कई मंच हैं, लेकिन पोएट्री के लिए ऐसा प्लेटफॉर्म नहीं था। इसी सोच के साथ जयपुर यंग पोइट सोसाइटी की शुरुआत हुई। जहां 14 साल या उससे अधिक उम्र के लोग अपनी कविताएं प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रियल ने 15 वर्ष की उम्र में अपनी पहली किताब ‘मेटानोया’ लॉन्च की थी और युवाओं को उनकी रचनात्मकता व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। कार्यक्रम में कवियों को अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने के लिए पांच मिनट का समय दिया गया। प्रतिभागियों ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अलग-अलग थीम पर कविताएं सुनाईं। रीना रुवाटिया ने रोमांटिक कविता ‘बेनाम’, शुभांगी बंसल ने ‘ऑफ द एज’, रिधान वरमानी ने ‘डियर मिस्टर एग्जामिनर’, जाह्नवी पूरी ने ‘मेरे बिखरे ख्यालात’, और अंकुर शर्मा ने ‘मैं शायर हूं’ जैसी कविताएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के फीचर्ड स्पीकर कार्तिक बजोरिया और अनुजा मिश्रा बजोरिया ने कहा कि इस आयोजन ने न केवल युवाओं की रचनात्मकता को मंच प्रदान किया, बल्कि सामाजिक कार्यों के लिए सहयोग की भावना भी जगाई है। इस मौके पर प्रियल ने कहा कि आगामी सीजन में पोएट्री ओपन माइक को जयपुर के अलावा अन्य शहरों में भी आयोजित किया जाएगा।


