जयपुर के राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) कुलपति के आदेश पर आज प्रिसिंपल ने आरयूएचएस हॉस्पिटल और जयपुरिया हॉस्पिटल में नियुक्त 15 जूनियर रेजीडेंट्स डॉक्टर्स को हटा दिया। इनमें से कुछ डॉक्टर्स का कार्यकाल फरवरी 2025 में पूरा होना है, लेकिन समय से दो माह पहले ही डॉक्टर्स को अचानक हटाने से अब न केवल आरयूएचएस हॉस्पिटल बल्कि जयपुरिया हॉस्पिटल में भी मरीजों की परेशानी बढ़ गई। जयपुरिया हॉस्पिटल में तो इस आदेश का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। क्योंकि यहां सीनियर रेजीडेंट्स एक भी नहीं है। यहां केवल 6 ही जूनियर रेजीडेंट्स डॉक्टर्स नियुक्त है, जिनके भरोसो जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, गायनी और ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट की यूनिट संचालित हो रही है। लेकिन अब इन सभी डॉक्टर्स को यहां से हटा दिया, ऐसे में रात में मरीजों को देखने या संभालने के लिए डॉक्टर्स की कमी हो गई। आरयूएचएस हॉस्पिटल में भी मुश्किलें बढ़ी कुलपति के इस निर्णय का असर आरयूएचएस हॉस्पिटल में भी देखने को मिलेगा। यहां भी ईएनटी, गायनी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक समेत अन्य विभागों की यूनिट चल रही है, जिसमें मरीज भर्ती है। आरयूएचएस में पहले से ही रेजीडेंट्स डॉक्टर्स की कमी है। बिना नई नियुक्ति के अचानक हटाया इधर हॉस्पिटल में नियुक्त सीनियर डॉक्टर्स का कहना है कि इन जूनियर डॉक्टर्स को हटाने से पहले प्रशासन को नए सिरे से जूनियर रेजीडेंट्स की भर्ती करनी चाहिए थी, ताकि स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को परेशान न होना पड़े। जबकि इन 16 जूनियर रेजीडेंट्स में से कई डॉक्टर्स का कार्यकाल अगले साल फरवरी में पूरा होगा।


