लुधियाना जिले में ऑनलाइन रजिस्ट्री सिस्टम में हो रही गडबड़ी अब प्रशासन ने भी पकड़ ली है। दैनिक भास्कर ने गड़बड़ी का खुलासा किया था, जिसके बाद डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने सभी तहसीलों में जाकर चेकिंग की। 22 जुलाई को समराला तहसील में एक कॉलोनाइजर ने पांच रजिस्ट्री करवाईं, जो अवैध कॉलोनी में काटे गए प्लॉट की थीं। इसका पर्दाफाश होने के बाद डिप्टी कमिश्नर ने एक्शन लेते हुए तहसीलदार को बदल दिया। समराला तहसील में जिस अवैध कॉलोनी के प्लॉटों की ये रजिस्ट्रियां हुई हैं, उस कॉलोनी पर पहले ही गलाडा की ओर से पुलिस थाने में मामला दर्ज है। इन पांच रजिस्ट्री पर साहनेवाल तहसील ने रोक लगा दी थी। उसके बाद इन रजिस्ट्री को समराला में करवाया गया। ये सामने आने के बाद डिप्टी कमिश्नर ने समराला के तहसीलदार वरुण कुमार को हटाकर उनकी जगह राजेश शर्मा की नियुक्ति कर दी। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्री से पारदर्शिता आई है और अब ऑब्जेक्शन वाले डॉक्युमेंट्स का रिकॉर्ड खुलकर सामने आ जाता है। इसके बावजूद अगर कोई गड़बड़ी होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुविधा के लिए बने सिस्टम का कुछ लोगों ने दुरुपयोग किया दैनिक भास्कर टीम ने 19 जुलाई को ऑनलाइन रजिस्ट्री में गड़बड़ी का खुलासा किया था। दरअसल, जब ऑनलाइन रजिस्ट्री की जाती है, तो जिस एरिया की जमीन होती है उसी एरिया से संबंधित तहसीलदार के पास वो फाइल अप्रूव होने आती है। उसके बाद जहां खरीदार और विक्रेता ने फोटो करवानी होती है, उस तहसील में जाती है। इस पूरे प्रोसेस में दो तहसीलों का रोल होता है। जब भी कोई रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करता है तो पहले दस्तावेज उसकी तहसील में जाते हैैं। तहसीलदार चेक करता है अगर कोई कमी होती है तो ऑब्जेक्शन लग जाता है, जो सिर्फ ऑनलाइन उसी तहसीलदार को दिखता है। उसके बाद जिस तहसील में सेटिंग होती है, उस जगह रजिस्ट्री को अप्रूव करा लिया जाता है। इस खुलासे के बाद सभी तहसीलों में जांच होगी ये मामला 22 जुलाई का है, जब समराला में कॉलोनाइजर विजय कुमार ने अपनी बालाजी कॉलोनी के पांच प्लॉट (डीड नंबर: 1047, 1049, 1050, 1051, 1052) की रजिस्ट्री कराई। ये कॉलोनी पहले ही गलाडा द्वारा अवैध घोषित की जा चुकी है और साहनेवाल पुलिस स्टेशन में इस पर पर्चा भी दर्ज किया गया है। बावजूद इसके, समराला तहसील में इनकी रजिस्ट्री हो गईं। गौर करने वाली बात ये भी है कि ये अवैध कॉलोनी साहनेवाल तहसील के नजदीक है, जबकि ये रजिस्ट्री समराला में अप्लाई की गईं। वहां तहसीलदार ने इन रजिस्ट्री को अप्रूव भी कर दिया। दैनिक भास्कर ने इन तथ्यों को प्रमुखता से उजागर किया। उसके बाद डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने खुद इस मामले की जांच की। इसमें गड़बड़ी पकड़ में आ गई। इस गंभीर लापरवाही के बाद जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों की ऑनलाइन रजिस्ट्री की जांच के आदेश दिए हैं। जैन ने कहा कि सभी रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड जांचा जाएगा। 19 जुलाई आखिरकार ऑनलाइन रजिस्ट्री में गड़बड़ी सामने आ ही गई, अवैध कॉलोनी की 5 रजिस्ट्री हुईं थीं, वो भी तब जब अवैध कॉलोनी काटने पर केस हो चुका है


