कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम आलपरस में एक बीमार बुजुर्ग बालाराम की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण काकन नाला का डायवर्सन रास्ता बह गया है। पुल का निर्माण अभी अधूरा है। ग्रामीण बुजुर्ग को खाट में डालकर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण वे मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाए। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं यह कांकेर जिले में पहली घटना नहीं है। मानसून के दौरान ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। 16 जुलाई को कोयलीबेड़ा क्षेत्र के पंडरीपानी की एक गर्भवती महिला को 4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था। कीचड़युक्त सड़क पर एम्बुलेंस न पहुंच पाने के कारण डिलीवरी के बाद महिला को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद भी नहीं हुआ समाधान इन समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं सड़क की पूजा की जा रही है तो कहीं लोग खेती करने को मजबूर हो गए हैं। इलाके में जगह-जगह चक्काजाम किया जा रहा है। लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसके कारण नई तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।


