करंट से रिटायर्ड प्रोफेसर की मौत…घर में भरा था पानी:बिलासपुर में 9 लोग बहे, बच्चा लापता, कोरबा में बाढ़ में बहा युवक, रेस्क्यू-ऑपरेशन जारी

छत्तीसगढ़ में बारिश से कई जिलों में कॉलोनियों के घरों में पानी भर गया है। बिलासपुर के स्वर्णजयंती नगर में पानी भर गया है। इसी दौरान करंट लगने से रिटायर्ड प्रोफेसर की मौत हो गई। उनके घर में पानी घुस गया था। इन्वर्टर का प्लग निकालते समय करंट की चपेट में आ गए। इसके साथ ही बिलासपुर के यदुनंदन नगर में कॉलोनी में पानी भर गया है। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं हैं। बिलासपुर में ही सीपत थाना क्षेत्र में हरेली के दिन शिव मंदिर से दर्शन कर लौटते वक्त कार नाले के बाढ़ में बह गई। कार में 9 लोग सवार थे। 8 लोग किसी तरह तैर कर बाहर निकले, लेकिन 3 साल का बच्चा और कार बह गए। वहीं कोरबा के घिनारा नाला का जलस्तर बढ़ गया है। कई गांव से संपर्क टूट गया है। सोन नदी में दोस्तों के साथ घूमने गया युवक बह गया है, जिसकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि लापता युवक का नाम राजेश मनेवार (32) है, जो उरगा थाना क्षेत्र के सुखरीखुर्द का रहने वाला है। अंबिकापुर के मैनपाट इलाके में भारी बारिश के कारण मछली नदी में बाढ़ आ गई है। पुल के दोनों ओर का संपर्क पथ क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे यातायात ठप हो गया है। पहुंच पथ की मरम्मत कराई जा रही है।वहीं पेंड्रा इलाके में लगातार बारिश होने के बाद पानी के तेज बहाव में पुलिया बह जाने से 6 गांवों को संपर्क टूट गया। इस बीच मौसम विभाग ने आज (शुक्रवार) बलरामपुर, जशपुर, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर समेत 6 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं बस्तर, दंतेवाड़ा कोरिया, राजनांदगांव, रायगढ़ समेत 14 जिलों में ऑरेंज और रायपुर, महासमुंद, बेमेतरा, दुर्ग समेत 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। पहले ये तस्वीरें देखिए… अगले 2 दिन नॉर्थ-साउथ छत्तीसगढ़ में भारी बारिश छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में राज्य में एवरेज 35 MM से ज्यादा पानी बरस चुका है। अगले दो दिन नॉर्थ और साउथ छत्तीसगढ़ के हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। तापमान की बात की जाए तो 32.5°C के साथ सबसे गर्म दुर्ग रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8°C भी दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया। पेंड्रा में बह गई पुलिया, दो हिस्सों में कटी सड़क पेंड्रा इलाके में लगातार बारिश से पानी के तेज बहाव में केवची-पीपरखुटी के बीच कौहा नाले पर बना पुल बह गया। पेंड्रा-केवची-अमरकंटक और अमरकंटक-केवची-बिलासपुर मेन रोड पूरी तरह से बंद हो गया है। वहीं केवंची, आमडोब, जोगीसार, बेलपत, गौरखेड़ा, डूगरा इन 6 गांवों का जिला मुख्यालय से कनेक्शन ब्रेक हो गया है। 24 दिनों में 335 मिलीमीटर पानी बरसा छत्तीसगढ़ में इस महीने यानी 24 दिनों में अब तक 335 MM तक बारिश हो चुकी है। इसमें में 198.2 MM बारिश 01 जुलाई से 11 जुलाई के बीच हुई है। इसके बाद 12 से 23 जुलाई के बीच 136.8 MM पानी बरसा है। लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

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