शिक्षक नियुक्ति की राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर अब अलग-अलग सुनवाई होगी। इस मामले में 31 जुलाई से रोज सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान यह आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान सरकार के सक्षम अधिकारी को मौजूद रहना होगा, ताकि मामले को जल्दी से निपटाया जा सके। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील अजीत कुमार और चंचल जैन ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में कुल 252 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। ऐसे में सलाहकार आयोग बनाना बेहतर होगा। आयोग सभी मामलों की जांच कर कोर्ट को अवगत कराएगा। लेकिन महाधिवक्ता राजीव रंजन ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि आयोग बनाना उचित नहीं होगा। जेएसएससी और राज्य सरकार के पास अभ्यर्थियों के सारे दस्तावेज हैं। सुनवाई के दौरान दस्तावेज कोर्ट में रखा जा सकेगा। इसके बाद कोर्ट ने 31 जुलाई से हर मामले में अलग-अलग सुनवाई की बात कही। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मेरिट लिस्ट तैयार करने में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सही तरह से पालन नहीं किया गया। इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने पहले टेबुलर चार्ट में प्रार्थियों के नाम, विषय, कोटि, प्राप्तांक और अंतिम चयनित अभ्यर्थी का अंक मांगा था। वहीं दूसरे चार्ट में विषय, कोटि, 18 सितंबर 2019 तक नियुक्त अभ्यर्थियों की संख्या और 19 सितंबर 2019 से दो अगस्त 2022 तक अभ्यर्थियों की नियुक्ति तिथि का विवरण मांगा था। लेकिन दूसरी बार मांगे गए चार्ट उपलब्ध नहीं कराए गए।


