जिले को चाहिए 175 मेगावाट बिजली, मिल रही 85:डीवीसी से 55 की जगह 35 व स्टेट ग्रिड से 120 की जगह 50 मेगावाट ही मिल रही बिजली

गिरिडीह| एएक तरफ उमस भरी गर्मी और दूसरी तरफ चरमराई िबजली व्यवस्था से शहर से गांव त्रस्त हैं। शहर को 24 घंटे में 11 घंटे व ग्रामीण इलाकों में 2 ही घंटे बिजली मिल रही है। लिहाजा शहर से लेकर गांव तक बिजली को लेकर लोगों में कोहराम मचा हुआ है। बिजली के अभाव में न तो ग्रामीण इलाकों में सिंचाई हो पा रही है और न ही सुकून की नींद ले पा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। जानकारी के मुताबिक गिरिडीह शहर के अलावा आसपास के बेंगाबाद व गांडेय प्रखंड के लिए 55 मेगावाट व खोरीमहुआ व सरिया अनुमंडल को जोड़ दें तो कुल 175 मेगावाट बिजली की जरूरत है। लेकिन डीवीसी और स्टेट ग्रिड से झारखंड बिजली बोर्ड को सिर्फ 85 मेगावाट बिजली मिल रही है। ऐसे में बिजली लोगों को कब मिलेगी या फिर कब तक कटी रहेगी इसका भी अता-पता नहीं होता है। लिहाजा दिन भर हर एक घंटे के बाद दो घंटे कटौती और शाम 6 बजे के बाद बिजली की अनिश्चितकालीन कटौती शुरू हो जाती है। इसके बाद सुबह 6 बजे तक बिजली का आना-जाना लगा रहता है। तीन दिनों से बनी है यही स्थिति: पिछले तीन दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। उमस भरी गर्मी में लोग रातभर सो नहीं पा रहे हैं। इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं। बाजारों में शाम होते ही जेनरेटर की आवाजें गूंजने लगती हैं। बिजली व्यवस्था सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। डीवीसी की ओर से हर दिन 55 मेगावाट बिजली देने की व्यवस्था है। दिन में आपूर्ति ठीक रहती है। लेकिन शाम को लोड शेडिंग शुरू हो जाता है। डीवीसी सिर्फ 35 मेगावाट बिजली ही देता है। करहरबारी के स्टेट पावर ग्रिड से भी शाम 6 बजे के बाद 65 की जगह सिर्फ 20 मेगावाट बिजली दी जाती है। इससे हालात और बिगड़ जाते हैं। एक-दो दिनांे में आपूर्ति होगी ठीक : अधीक्षण अभियंता अधीक्षण अभियंता शकील आलम ने बताया कि बिजली की आपूर्ति को ठीक करने को लेकर लगातार वरीय अधिकारियों से बात हो रही है। पावर ग्रिड से ही कम बिजली मिल रहा है। वहीं डीवीसी की ओर से लोड शेडिंग की जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले एक-दो दिनों में बिजली की आपूर्ति में सुधार होगा। तार और ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत का बहाना डांडीडीह, बस स्टैंड, सिहोडीह, गादी श्रीरामपुर, बदडीहा और बेंगाबाद सब स्टेशन से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी रात में बढ़ जाती है। डांडीडीह, बस स्टैंड और सिहोडीह में डीवीसी की लाइन से आपूर्ति होती है। लेकिन, शाम को लोड बढ़ते ही पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है। बिजली विभाग के अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं देते। हर बार तार और ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत का बहाना बना देते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *