कांके जमीन घोटाला : सीआईडी ने दर्ज की प्राथमिकी

कांके में हुए जमीन घोटाला मामले में सीआईडी की एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीआईडी ने इस मामले में कमलेश कुमार, कांके इलाके के जमीन कारोबारी ऋषि जायसवाल के अलावा चामा के ग्राम प्रधान अनिल मुंडा, सरलू उरांव, मनोज उरांव, विजय उरांव, नगड़ी मौजा के शंकर कुजूर और सुंडील के राजेश लिंडा को नामजद आरोपी बनाया है। दर्ज एफआईआर में जिक्र है कि सीआईडी की एसआईटी के समक्ष आई 37 शिकायतों को प्राथमिकी में जोड़ा जाए। साथ ही जिन लोगों के खिलाफ शिकायतें आई हैं, उन सभी को केस में आरोपी बनाया जाए। आरोप- थाना प्रभारी भगाते थे, अंचल अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध सीआईडी को दिए आवेदन में मनु बांडो ने लिखा है कि उनकी जमीन को जबरन कमलेश कुमार, ऋषि जायसवाल के लोगों के द्वारा कब्जाया जा रहा था। सितंबर 2024 तक कई बार मामले की शिकायत स्थानीय कांके थाने में की गई। लेकिन, थाना प्रभारी के द्वारा भगा दिया गया। सीआईडी ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि कांके के तत्कालीन अंचल अधिकारी के द्वारा भी जमीन का प्रकृति बदल दिया गया, इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने की साजिश रची गई। इधर, छत्तीसगढ़ एसीबी ने झारखंड एसीबी से गिरफ्तार अतुल सिंह व मुकेश मनचंदा के संबंध में मांगी जानकारी शराब घोटाले की जांच कर रही छत्तीसगढ़ एसीबी की टीम शुक्रवार को रांची पहुंची। रांची में एसीबी कार्यालय जाकर छत्तीसगढ़ के एसीबी पदाधिकारियों ने ओम साईं बिवरेजेज के निदेशक अतुल कुमार सिंह व मुकेश मनचंदा से पूछताछ में आए तथ्यों व दस्तावेजों की जानकारी मांगी। झारखंड एसीबी ने 7 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में हैं। छत्तीसगढ़ एसीबी के अनुसार अतुल और मुकेश छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला केस में भी संदिग्ध हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने केस में स्वीकारोक्ति बयान समेत अन्य जानकारियां एसीबी से मांगी हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ एसीबी के पदाधिकारियों ने झारखंड एसीबी से पत्राचार भी किया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *