झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 30 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक शनिवार यानी आज रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 7 अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर दिख रहा है। गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, देवघर, दुमका और जामताड़ा जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। शुक्रवार देर रात से ही कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है और शनिवार की सुबह भी यह सिलसिला जारी रहा है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है और खराब मौसम में घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी है। शुक्रवार को सिमडेगा में सर्वाधिक बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में शुक्रवार को सबसे अधिक बारिश सिमडेगा में दर्ज की गई, जहां 50 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा चाईबासा में 30 मिमी, मेदिनीनगर में 16 मिमी, जमशेदपुर में 12 मिमी और रांची में 1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग ने साफ किया है कि 30 जुलाई तक राज्य के लगभग सभी जिलों में बादल गरजने और बारिश की स्थिति बनी रहेगी। आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौत मौसम की यह स्थिति लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो रही है। शुक्रवार को पलामू जिले में वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। इस बीच शुक्रवार की शाम को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया गया। इन जिलों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात की तीव्र संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी बारिश की वजह विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता झारखंड में बढ़ गई है और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी इसकी प्रमुख वजह है। ऐसे में लोगों को आने वाले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वालों को सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने पर वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।


