नाग पंचमी 29 को: नागों की पूजा करने से दूर होता है काल सर्प दोष

भास्कर न्यूज | अमृतसर नाग पंचमी एक बहुत प्रसिद्ध हिंदू त्यौहार है। इस दिन लोग सांपों की पूजा करते हैं। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। पंडित राम अवतार के मुताबिक इस बार नाग पंचमी 29 जुलाई को मनाई जाएगी। पंचमी 28 जुलाई रात 11:24 बजे शुरू होकर 30 जुलाई रात 12:46 बजे समाप्त होगी। इसलिए 29 जुलाई सुबह 5:41 से लेकर सुबह 8:23 तक नाग पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। पंडित राम अवतार का कहना है कि सांपों को उनके विष के कारण शक्तिशाली माना जाता है। इसलिए उन्हें देवता का दर्जा दिया गया है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार नागों को पाताल लोक के देवता माना गया है और वहां सभी सांपों का वास होता है। ऐसा विश्वास है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से काल सर्प दोष दूर होकर सांपों का भय खत्म हो जाता है। इस दिन लोग नागराज वासुकी की पूजा करते हैं जो भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं। कुछ लोग मां मनसा देवी की भी पूजा करते हैं जो वासुकी की बहन और भगवान शिव की पुत्री मानी जाती हैं। नाग पंचमी के दिन शहर के शिवालयों में भक्त बाबा भोले नाथ के साथ-साथ नाग देवता की पूजा भी करेंगे। जबकि दुर्ग्याणा परिसर में स्थित भैरो मंदिर में नाग देवता की पूजा होगी। लोग इस मंदिर में जाकर नाग देवता के बिल में कच्ची लस्सी और दुध डालकर दीप जलाकर नागदेवता का आशीर्वाद लेंगे। सुबह जल्दी उठकर स्नान करके दीवार या कागज पर कोयले से सांप का चित्र बनाए। जबकि हल्दी, कुमकुम, फूल और मिठाई चढ़ाकर पूजा करें। वहीं चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा शिव मंदिर जाकर चढाएं और शिवलिंग का अभिषेक भी करके परिवार की सुख शांति मांगे। नाग पंचमी के दिन नाग पूजा से जीवन में सुख, शांति की प्राप्ति होती है।

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