छत्तीसगढ़ में समग्र शिक्षा के तहत हुई व्यवसायिक शिक्षा भर्ती को लेकर NSUI ने विभाग पर करप्शन का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर NSUI ने विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसमें लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। बिना मेरिट, बिना परीक्षा… ₹10 के स्टाम्प पेपर पर जबरन एग्रीमेंट NSUI ने आरोप लगाया कि हजारों युवाओं को ₹3 से ₹4 लाख में बिकी नियुक्तियां, रिश्तेदारों को दी सीधी ज्वॉइनिंग ज्ञापन में कहा गया कि कोरोना योद्धाओं को भी नहीं मिली प्राथमिकता, सरकार रही चुप NSUI ने यह भी कहा कि कोविड काल में सेवा देने वाले नर्सिंग, हेल्थ, आईटी, कंप्यूटर ट्रेड के युवाओं को NSUI की भर्ती रद्द करने की मांग हो, CBI जांच हो NSUI ने सरकार के समक्ष पूरे मामले में ये मांग रखी हैं: पूरी भर्ती प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाए। कोरोना योद्धाओं को प्राथमिकता और 10% छूट दी जाए। 40,000 परीक्षार्थियों की मेरिट सूची सार्वजनिक की जाए। फर्जी दस्तावेजों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर FIR दर्ज हो। CBI और EOW से आर्थिक भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए। 28 जुलाई को ताला बंद आंदोलन NSUI ने सरकार को पूरे मामले में 28 जुलाई 2025 तक का अल्टीमेटम दिया है। “यदि मांगें नहीं मानी गईं तो समग्र शिक्षा कार्यालय में ताला बंद आंदोलन होगा। जरूरत पड़ी तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन होगा।” ज्ञापन देने के दौरान ये प्रमुख छात्र नेता रहे मौजूद प्रशांत गोस्वामी (NSUI जिलाध्यक्ष, निखिल वंजारी (प्रदेश महासचिव) ,अजय त्रिपाठी, योगराज देवांगन, नजीब असरफी, वैभव मुजेवार सहित अनेक NSUI छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।


