अग्रवाल समाज फाउंडेशन की पहल ‘आओ सहेजें सनातन संस्कृति…’:महाकुंभ में जाने वाले के संत, विद्वानों का 1 जनवरी को किया जाएगा अभिनंदन

अग्रवाल समाज इंदौर फाउंडेशन ने अपनी नई पीढ़ी को भारतीय सनातन संस्कृति को बनाए रखने के लिए नई पहल करने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रयागराज में 11 जनवरी से प्रारंभ होने वाले महाकुंभ में इंदौर एवं मालवांचल के अन्य प्रमुख धर्मस्थलों से जाने वाले संत, विद्वानों, आचार्य, महांमडलेश्वरों, वेदपाठी बटुकों सभी प्रमुख मठ-मंदिरों के पुजारियों और अन्य सभी सनातन प्रेमियों का सम्मान किया जाएगा। शहर में समाज स्तर पर अभिनंदन प्रसंग का यह आयोजन संभवत: पहली बार होगा, जिसमें प्रयागराज कुंभ मेले में पहुंचने वालों को प्रदेश के विभिन्न नगरों से आमंत्रित किया गया है। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी एवं महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस आयोजन के खास मेहमान होंगे। यह आयोजन नए वर्ष की पहली संध्या 1 जनवरी को सांय 6 बजे विमानतल मार्ग श्री श्रीविद्याधाम के सभामंडप पर होगा। इस आयोजन में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, बड़वाह, सनावद, नलखेड़ा, महेश्वर एवं मालवांचल के उन सभी लोगों को आमंत्रित किया गया है, जो देश की शाश्वत और सनातन संस्कृति को समृद्ध बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम में उन सभी बंधुओं को आमंत्रित किया गया है, जो प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचकर हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पौध की मौजूदगी में संबल प्रदान करेगे। नई पीढ़ी को संस्कृति की जानकारी मिलेगी फाउंडेशन के संयोजक किशोर गोयल, संजय बांकड़ा एवं सीताराम मित्तल नीमच वालों ने बताया कि समाज स्तर पर पहली बार हो रहे इस आयोजन की अवधारणा यही है कि हमारी नई पीढ़ी भी सनातन संस्कृति के अनुरूप अपना आचरण, जीवन शैली और धर्म तथा अध्यात्म पर आधारित ऐसा चरित्र अपनाएं, जो सनातन संस्कृति को सहेजने का सशक्त माध्यम बन सके। प्रयागराज अथवा उज्जैन और नाशिक में होने वाले कुंभ मेलों में वैसे तो हजारों बरसों से लोगों का आना-जाना बना हुआ है, लेकिन चूंकि अब पिछले कुछ अर्से से सनातन धर्म को लेकर अनेक तरह की चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं, इसलिए प्रयागराज में सन्ननिकट कुंभ मेले में जाने वाले हमारे संत-विद्वान इस आयोजन के माध्यम से अपनी नई पीढ़ी को बताएं कि भारतीय सनातन धर्म और संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी हैं। निश्चित ही इस तरह के आयोजन से हमारी नई पीढ़ी को भी धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊर्जा, चेतना और दिशा मिल सकेगी। ‘आओ सहेजे सनातन संस्कृति…’ है सूत्र वाक्य कार्यक्रम से जुड़े हरि अग्रवाल, भावेश दवे एवं नितिन एयरपोर्ट कार्यक्रम में शहर के अन्नपूर्णा आश्रम, अखंडधाम, हंसदस मठ, श्री श्रीविद्याधाम, पंचकुइया राम मंदिर, दत्त माउली संस्थान, इस्कान मंदिर, खजराना गणेश मंदिर, गीता भवन, कांटाफोड़ मंदिर अग्रसेन चौराहा, महामृत्युंजय मंदिर, रणजीत हनुमान मंदिर, वीर अलीजा मंदिर तथा शहर की सभी प्रमुख संस्कृत पाठशालाओं के वेदपाठी बटुकों के साथ ही अन्य स्थापित विद्वानों, लेखकों, प्रवचनकारों और उन सभी लोगों को आमंत्रित किया गया है, जो प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचकर अपने गरिमापूर्ण आचरण से हमारी पौराणिक परंपराओं और सनातन संस्कृति को समृद्ध बनाएंगे। कार्यक्रम को ‘आओ सहेजे सनातन संस्कृति…’ सूत्र वाक्य दिया गया है, जो पूरे कुंभ मेले के साथ ही अन्य धार्मिक, सांस्कृतिक गतिविधियों में भी प्रयुक्त होगा।

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