बिलासपुर में सावन महीने के तीसरे सोमवार को शिव भक्तों ने कांवड़ यात्रा निकाली। यह यात्रा अंत:सलिला अरपा नदी के छठ घाट से शुरू हुई। श्रद्धालु शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नंदीश्वर महादेव मंदिर सरकंडा पहुंचे। यहां भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते और गाते रहे। ‘बोल बम’ के नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। कांवड़ यात्रा में हनुमान बने एक श्रद्धालु ने अपने आकर्षक नृत्य से सबका ध्यान खींचा। यात्रा के दौरान भक्तों ने महाकाल उज्जैन के शिवलिंग और खाटू वाले श्याम बाबा की प्रतिकृति भी साथ रखी। भक्तों की बाकी टोलियों ने किया भगवान का जलाभिषेक बिलासपुर के अन्य मोहल्लों से भक्तों की टोलियां भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकलती हैं। ये श्रद्धालु बिलासपुर के मंदिरों से लेकर रतनपुर स्थित भैरोबाबा, अमरकंटक, जलेश्वर महादेव और बाबाधाम (देवघर) तक जाते हैं। यह परंपरा सालों से चली आ रही है। सावन महीने भर यह यात्रा निरंतर चलती रहती है।


