अंबिकापुर शहर के वार्डों में लगातार बारिश के कारण हो रहे जल भराव की स्थिति देखने निकली अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि उन पर लगातार आरोप लगाया जा रहा है कि वह कुछ नहीं कर पा रही हैं, लेकिन बारिश को रोकने के लिए भगवान से उनकी सेटिंग भी नहीं हो पा रही है। भगवान को कैसे कहें कि अब बहुत हुआ बारिश रोक दीजिए। मंजूषा भगत का यह बयान अब सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया है। अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में बारिश के बाद निचले इलाकों में पानी भार जा रहा है। इसके कारण बारिश का पानी घरों में घुस रहा है। शहर की सड़काें में पानी जमा हो जा रहा है। रविवार को बारिश के बाद अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल के सरकारी आवास में भी पानी भर गया, जिसे निकालने के लिए मोटर और टैंकर लगाना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव के कारण परेशान होना पड़ रहा है। महापौर बोलीं-भगवान से सेटिंग नहीं
अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने वार्ड क्रमांक 22 एवं 23 का निरीक्षण किया, जहां बारिश के बाद पानी भर जाता है एवं सड़कों के साथ घरों में भी पानी घुस जाता है। हालांकि जब महापौर निरीक्षण में पहुंची, स्थिति सामान्य थी। महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि लगता है कि मेरे महापौर बनने के बाद भगवान खुश हैं और लगातार बारिश करा रहे हैं। भगवान से मेरी सेटिंग ही नहीं हो पा रही है कि मैं कह सकूं कि अब बहुत हुआ, बारिश रोक दीजिए। नाले में बना पुल का निर्माण घटिया
महापौर मंजूषा भगत ने वार्ड क्रमांक 22 और 23 में नाले पर बने पुल का निरीक्षण किया। पुल में इंजीनियरिंग का ध्यान नहीं रखे जाने से यह खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। महापौर ने कहा कि वे पुल निर्माण की जांच कराएंगी। घटिया काम करने वाले ठेकेदार एवं कराने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। सड़क व नाली का टेंडर निरस्त करने का विवाद
अंबिकापुर में 23 जुलाई को सड़क मरम्मत, नाली निर्माण एवं सीसी सड़कों का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। इसे लेकर कांग्रेस सत्तासीन भाजपा पर हमलावर है। कांग्रेस का आरोप है कि निचली बस्तियों के साथ सड़कों पर पानी भर जा रहा है, जबकि राजनैतिक लाभ के लिए टेंडर को निरस्त किया गया है।


