ऑपरेशन सिंदूर पर सोमवार को लोकसभा में करीब 11 घंटे चर्चा हुई। सदन की कार्यवाही दोपहर 2:05 बजे से शुरू हुई और आधी रात 12:52 तक चली। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्रम्प के सीजफायर दावे पर कहा- 22 अप्रैल से 17 जून तक ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत नहीं हुई। किसी भी स्टेज पर अमेरिका से चर्चा के दौरान व्यापार पर बात नहीं हुई। इस बात पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। यह देखते हुए अमित शाह बीच में उठे और कहा- भारत का विदेश मंत्री यहां बयान दे रहा है, पर विपक्ष को उन पर भरोसा नहीं है। किसी और देश पर भरोसा है। विदेश मंत्री पर भरोसा क्यों नहीं करते। इसलिए विपक्ष में बैठे हैं। और 20 साल वहीं पर बैठेंगे। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार से सवाल किया कि जब पाकिस्तान घुटनों पर था, तब सीजफायर किन शर्तों पर किया गया? देश चाहता था कि पाकिस्तान को वैसा ही जवाब दिया जाए जैसा 1971 में इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर के दिया था। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार कहती है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता है। हम पानी नहीं दे रहे हैं तो क्रिकेट कैसे खेल सकते हैं? मैं तो वह मैच नहीं देख सकता। लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह ने कहा- पंजाब में भिसियाना एयरफोर्स स्टेशन के पास राफेल लड़ाकू विमान का टेल गिरा। मैं उसकी फोटो लाया हूं, उस पर BS- 001 लिखा था।एक व्यक्ति की मौत हुई और 9 लोग घायल हुए। ये मीडिया में आया। आपने देश की जनता को मूर्ख बनाने का काम किया। विपक्ष की तरफ से कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा- अमेरिका के राष्ट्रपति 26 बार कह चुके हैं कि उन्होंने सीजफायर करवाया। PM मोदी आज बताइए कि सीजफायर क्यों हुआ। अगर पाकिस्तान वाकई में अपने घुटने टेकने के लिए तैयार था, तो आप क्यों झुके। किसके सामने आपके सरेंडर किया। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं……


