भारतीय शिल्प और कला प्रेमियों के लिए जयपुर क्लब में शुक्रवार से तीन दिवसीय ‘विंटर वीव्स’ प्रदर्शनी की शुरुआत हुई। शिल्पकारी की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी में देश के कोने-कोने से आए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त आर्टिजंस ने अपनी बेमिसाल कारीगरी का प्रदर्शन किया। उद्घाटन समारोह में सिक्किम के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एसएन भार्गव ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेडिटेशन एक्सपर्ट निर्मला सेवानी ने मंत्रोच्चारण किया। भारतीय परंपरा और फैशन का संगम
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण विंटर कलेक्शन रहा। इसमें जैकेट, शॉल, मफलर, ओवरकोट, कैप्स और श्रग्स जैसे परिधानों पर जटिल बुनाई और मॉडर्न टच का अद्भुत समावेश देखने को मिला। कश्मीर के पश्मीना से लेकर गुजरात की मश्रू और अजरख बुनाई, आंध्रप्रदेश की पेन कलमकारी और उत्तराखंड के मरिनो वूल जैसे पारंपरिक परिधान, मॉडर्न फैशन का अनोखा संगम प्रस्तुत करते दिखे। कला और संघर्ष की कहानियां
प्रदर्शनी में आयोजित विशेष चर्चा ‘किस्से बुनकरों के’ में बुनकरों ने अपने संघर्ष और कला की यात्रा साझा की। पैनल में नेशनल अवॉर्डी रुस्तम शोरब, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जासीर अरफत और अन्य नामचीन कारीगरों ने अपने विचार व्यक्त किए। उनके अनुभवों ने हस्तकला की समृद्ध परंपरा और उसकी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। शिल्पकारी की संस्थापक शिल्पी भार्गव ने बताया- इस मंच का उद्देश्य भारत की पारंपरिक हस्तकला और हैंडलूम को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा- यह प्रदर्शनी केवल खरीदारी का मंच नहीं है। बल्कि हमारी विरासत को संजोने और नए फैशन प्रेमियों को जोड़ने का एक प्रयास है। तीन दिवसीय यह प्रदर्शनी 29 दिसंबर, रविवार को शाम 7 बजे समाप्त होगी। फैशन और शिल्प प्रेमियों के लिए यह आयोजन सर्दियों में स्टाइलिश और इको-फ्रेंडली फैशन को करीब से जानने का अनोखा अवसर है।


