कान्हा में बाघों का कुनबा बढ़ा, नए ठिकाने की तलाश

भास्कर न्यूज | कवर्धा बैजलपुर-सिंघारी उप-वनपरिक्षेत्र के ग्राम लब्दा में दो शावकों के साथ बाघिन को देखे जाने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान वन अमले को गांव के आसपास कुछ फुटप्रिंट (पगमार्ग) मिले हैं। हालांकि, वन अमले ने इस फुटप्रिंट को बाघिन का होने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन इसे नकार भी नहीं रहे हैं। क्योंकि जो फुटप्रिंट मिले हैं, वह बाघ या उस जैसे अन्य प्रजाति के जंगली जानवर का हो सकता है। दरअसल, ऐसे फुटप्रिंट तेंदुआ और लकड़बग्घा (हाईना) का भी हो सकता है। हालांकि, यह विशेषज्ञों की जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा। लेकिन स्थानीय ग्रामीण यहां गांव के आसपास पिछले कुछ दिनों से दो शावकों के साथ बाघिन को देखने का दावा कर रहे हैं। चूंकि यह क्षेत्र वन विकास निगम के अंतर्गत आता है। इसलिए वन विकास निगम के अधिकारियों ने ग्राम लब्दा व आसपास क्षेत्र में मुनादी करा अलर्ट घोषित कर दिया है। वन विकास निगम के एसडीओ पीतांबर साहू का कहना है कि क्षेत्र में निगरानी के लिए टीम तैनात कर दी है। कान्हा से आई थी गर्भवती बाघिन: बीते माह नवंबर में मध्यप्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क से एक गर्भवती बाघिन निकल आई थी। जो करीब पखवाड़ेभर तक छत्तीसगढ़ सीमा से लगे गांव व आसपास जंगल में घूम रही थी। गर्भवती बाघिन के रेस्क्यू के लिए कान्हा के विशेषज्ञों की टीम लोहे का बड़ा पिंजरा भी लाए थे, लेकिन से पकड़ा नहीं जा सका था।

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