धमतरी जिले के दक्षिण सिंगपुर रेंज में गुरुवार को वन विभाग ने करीब 29 हेक्टेयर यानी 71.63 एकड़ अतिक्रमित वनभूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। करीब 32 ग्रामीणों ने जंगल में अवैध झोपड़ियां बना ली थीं। विभाग का दावा है कि कब्जाधारियों ने सैकड़ों पेड़ काट दिए। कच्चे रास्ते भी बना लिए थे। दो बार नोटिस देने के बाद भी उन्होंने खुद से कब्जा नहीं हटाया। गुरुवार को वन विभाग ने पुलिस और राजस्व टीम के साथ कार्रवाई की। जंगल में बनी 30 झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने झोपड़ियों के सामने खड़े होकर विरोध किया। मौके पर तैनात महिला पुलिस बल ने उन्हें हटाया और कार्रवाई पूरी की गई। झोपड़ियां टूटने के बाद कुछ कब्जाधारी उत्तर सिंगपुर रेंज कार्यालय पहुंचे। वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विभाग के अनुसार 71.63 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। वन विभाग धमतरी के मुताबिक दक्षिण सिंगपुर वन परिक्षेत्र के दक्षिण खड़मा और पूर्व सिंगपुर बीट की आरएफ 32 और 36 में 32 ग्रामीणों ने अवैध रूप से झोपड़ियां और खेत बनाकर कब्जा कर लिया था। इस अतिक्रमण को हटाने के लिए डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव के निर्देश पर वन परिक्षेत्र अधिकारी सरयुप्रसाद सागर ने पहले ग्रामीणों को नोटिस जारी किया। नोटिस के बावजूद ग्रामीणों ने कब्जा नहीं हटाया। इसके बाद डीएफओ ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 अ के तहत 26 जून 2024 को पहला नोटिस जारी किया। दूसरा नोटिस 29 जुलाई 2024 को भेजा गया। फिर भी अतिक्रमण जारी रहा। कुछ ग्रामीणों ने जंगल में सैकड़ों पेड़ काटकर झोपड़ीनुमा घर बनाए। यह इलाका वन्य प्राणियों का रहवास जोन है। यहां हाथियों का कॉरिडोर भी है। कब्जाधारियों को दो बार नोटिस के बाद जंगल खाली नहीं किया। गुरुवार को करीब 100 एकड़ में से 71 एकड़ जंगल को कब्जा मुक्त किया गया। -श्रीकृष्ण जाधव, डीएफओ, धमतरी


