शर्तों का खुलेआम उल्लंघन:निगम ने शहर के आवारा पशु पकड़ने का ठेका दिया, फर्म गांवों में पकड़ रही, भुगतान भी हो रहा

हेरिटेज व ग्रेटर नगर निगम में आवारा पशु पकड़ने वाली ठेका फर्म शहर की बजाए गांवों से पशु पकड़कर हिंगोनिया गोशाला में छोड़ रही है। ठेकेदार के कर्मचारी गांवों में खेतों में घुसकर फसल खराब करने वाले आवारा पशुओं को किसानों से रुपए लेकर पकड़ते हैं और निगम क्षेत्र से पकड़ना बताकर गोशाला छोड़कर पैसा उठा रहे हैं। यहां तक कि गांवों से पकड़े दुधारू पशुओं को शहर में लाकर बेच भी रहे हैं। बता दें कि फर्म को प्रति पशु पकड़ने के नगर निगम 1345 रुपए देता है। आवारा पशु पकड़ने वाली मैसर्स राजेश ठेकेदार फर्म दोनों निगमों में काम कर रही है और टेंडर की अन्य शर्तों का भी उल्लंघन कर रही है। टेंडर की शर्त : खुद के छह वाहन होने चाहिए, निगम के दो वाहनों से पकड़ रहे टेंडर शर्तों के अनुसार पशु पकड़ने वाली फर्म के पास छह वाहन होना चाहिए। इनमें 4 काउकैचर और दो ट्रैक्टर मय हाइड्रोलिक ट्रॉली। इन्हें सुबह-शाम लगाकर निराश्रित पशुओं को पकड़ना था, ताकि छोटी गलियों में भी आवारा पशु पकड़े जा सकें, लेकिन फर्म खुद के वाहन लगाने की बजाय हेरिटेज निगम के ही दोनों वाहनों से पशुओं को पकड़ने का कार्य कर रही है, जबकि ग्रेटर निगम में खुद का सिर्फ एक ही वाहन लगाया है। प्रत्येक वाहन पर 6 श्रमिक अनिवार्य रूप से लगाने थे जिनका पीएफ, ईएसआई व जीएसटी नंबर का प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य था, लेकिन इनकी पालना ही नहीं हो रही। पेनल्टी का प्रावधान, वसूली नहीं; श्रमिकों को यूनिफॉर्म मय सुरक्षा उपकरण के साथ होना आवश्यक है, ऐसा नहीं होने पर प्रति श्रमिक प्रतिदिन 1000 रुपए की पेनल्टी। सभी 6 वाहनों को में समुचित डीजल, ल्यूब्रिकेंट की व्यवस्था, वाहन खराब होने पर वैकल्पिक वाहन उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिदिन प्रति वाहन 10 हजार रुपए की पेनल्टी, लेकिन अब तक नहीं लगाई है। हाईकोर्ट ने शहर को कैटल फ्री बनाने के दिए थे आदेश
2017 में त्रिपोलिया में अर्जेंटीना के पर्यटक को सांड के सींग मारने और 2019 में जयपुर में आवारा पशुओं के सड़कों पर घूमने से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट से शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए कहा था। राज्य सरकार ने कहा था कि वह दो महीने में इसके लिए नियम बना देंगे, लेकिन अब भी हालात ज्यों के त्यों हैं। बता दें कि सांड के सींग मारकर घायल करने से पर्यटक की मौत से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया था। अदालत ने निगम को कहा था कि वह शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने वाली न्याय मित्र की रिपोर्ट का जवाब पेश करें। “ठेकेदार जो भी लापरवाही कर रहा है, उसके खिलाफ जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करेंगे।”
-कुसुम यादव, महापौर, हेरिटेज नगर निगम

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *