सीजन की पहली मावठ (बारिश) के बाद शुक्रवार को शहर कोहरे में खोया रहा। शाम 5 बजे तक बीते 24 घंटे में 7 मिमी पानी बरसा। कोहरे में सारे नजारे खो गए। सुबह 7 से 10 बजे तक महज 200 मीटर दूर देख पाना भी मुश्किल हो गया। एयरपोर्ट पर 8 फ्लाइट प्रभावित हुईं। झाड़ोल रूट पर सीसारमा के पास रोडवेज बस निजी बस से टकरा गई। हालांकि जनहानि नहीं हुई। ट्रेनों पर कोई असर नहीं पड़ा। दिन का पारा 21.4 डिग्री पर स्थिर रहा। यह सामान्य (26) से 4.6 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री बढ़कर 13.2 डिग्री पर जा पहुंचा। यह सामान्य से 4.4 डिग्री ज्यादा और दिसंबर में अब तक का सर्वाधिक रहा। डबोक में तापमान क्रमश: 22.4 और 1.6 डिग्री रहा। वहां शाम 5 बजे तक 4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। 7 मिमी बारिश, औसत से 6.2 मिमी ज्यादा गुरुवार रात 2 बजे 15-20 मिनट बरसने के बाद बादल सुबह सवा 6 बजे गरजते-धमकते करीब करीब 20 मिनट तक बरसते रहे। 6.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। सुबह 11 और दोपहर 3 बजे 5-5 मिनट के लिए बूंदाबांदी भी हुई। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक 0.5 मिमी पानी बरसा। यानी 24 घंटों में कुल 7 मिमी बारिश हुई। यह दिसंबर के औसत 0.8 मिमी से 6.2 मिमी ज्यादा है। पिछले साल 3 दिसंबर को एक ही दिन में 9.4 मिमी बारिश हुई थी। आगे क्या… बारिश के आसार कम, धुंध रहेगी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार तक पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश से गुजर जाएगा। उदयपुर में धुंध व बादल छाए रहेंगे। बारिश की संभावना नहीं है। 29 दिसंबर से दिन व रात के तापमान में हल्की गिरावट शुरू होगी। रात का तापमान 7-8 डिग्री के बीच रह सकता है जबकि दिन का तापमान 20 से 23 डिग्री के बीच रह सकता है। यानी साल के अंतिम 3 दिनों में ठंड में बढ़ोतरी होगी। मुंबई-दिल्ली-इंदौर-जयपुर की चार फ्लाइटें रद्द, चार देरी से लैंड जयपुर से सुबह 8 बजे उदयपुर आने वाली इंडिगो की फ्लाइट को आधे रास्ते से जयपुर लौटा दिया गया। मुंबई से सुबह 8:05 बजे आने वाली फ्लाइट को जयपुर, दिल्ली से सुबह 8:05 बजे आने वाली फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया। इंदौर से सुबह 8:40 बजे आने वाली फ्लाइट को रास्ते से वापस इंदौर लौटा दिया गया। मुंबई से 11:30 बजे आने वाली दूसरी फ्लाइट को पहले जयपुर डायवर्ट किया गया, फिर दोपहर 1:15 बजे यह उदयपुर में लैंड हो सकी। हैदराबाद से सुबह 10:30 बजे आने वाली फ्लाइट भी दो घंटे की देरी से लैंड हो सकी। दो अन्य फ्लाइटों को भी कोहरा कम होने पर 2 से तीन घंटे की देरी के बाद लैंड कराया जा सका। कोहरे के चलते सीसारमा के पास आपस में भिड़ी रोडवेज व निजी बस। झील किनारे शहरवासियों-पर्यटकों का रैला : मौसम की उठापटक के बीच पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों के अलावा शहरवासियों का भी रैला लगा रहा। पिछोला व फतहसागर झील ने कोहरे की चादर ओढ़ ली। नीमज माता, करणी माता मंदिर, सज्जनगढ़ जैसे पर्यटक स्थल भी नहीं दिखे। दोपहर 1 बजे बाद सूरज दिखा, लेकिन चंद मिनटों में गायब भी हो गया। लोगों ने दिनभर अलाव तापकर ठंड से बचाव किया।


