बिलासपुर में फर्जी-ऑर्किटेक्ट के जरिए नक्शा पास:मेयर ने अफसरों को फटकारा, कहा- सालों से हो रहा फर्जी काम, ये विभागीय लापरवाही

बिलासपुर में फर्जी ऑर्किटेक्ट के जरिए नक्शा पास कराने वाले मामले में मेयर पूजा विधानी ने अफसरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही और आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी। मेयर पूजा विधानी ने कहा कि नगर निगम सालों से फर्जी आर्किटेक्ट नक्शा पास कर रहा है और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। बता दें कि सोमवार (4 अगस्त) को हुई नगर निगम की MIC की बैठक में यह मुद्दा उठा। इस दौरान बैठक में 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें शहर के अलग-अलग वार्डों के विकास कार्यों के लिए 84 करोड़ रुपए का बजट भी शामिल है। 5 महीने बाद भी ठेका और प्लेसमेंट कर्मचारियों की नहीं दी सूची मेयर ने बताया कि पांच महीने बीतने के बावजूद अलग-अलग विभागों के ठेका और प्लेसमेंट कर्मचारियों की सूची अब तक नहीं सौंपी गई, जबकि इसके लिए मोबाइल नंबर सहित जानकारी मांगी गई थी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे अपनी सीमाओं में रहें और जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें। साथ ही अपेक्षा जताई कि वे विकास कार्यों को प्राथमिकता दें और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण में सहयोग करें। विकास कार्यों के महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर लगी मुहर बैठक में 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम 84 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रहा, जो शहर के अलग-अलग वार्डों में सड़क, नाली, पानी, पेयजल पाइपलाइन जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए स्वीकृत किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी पारित हुआ। इसमें पुराने पुल से शनिचरी रपटा तक बीटी रोड और दोनों ओर नाली निर्माण, एजुकेशन हब में एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट जैसे कार्य शामिल हैं। पुराने अहम प्रस्तावों पर नहीं हुई चर्चा बैठक में रामसेतु और सिरगिट्टी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसे पुराने और जनहित से जुड़े प्रमुख प्रस्तावों पर कोई चर्चा नहीं हो सकी। जबकि ये दोनों मुद्दे पिछली बैठक से लंबित हैं और शहर की जरूरतों से जुड़े हुए हैं। शहर विधायक की समझाइश का दिखा असर पिछली एमआईसी बैठक में हुए विवाद को ध्यान में रखते हुए इस बार शहर विधायक अमर अग्रवाल ने बैठक से पहले एमआईसी सदस्यों को समझाइश दी थी। बैठक में इसका असर भी दिखा और सदस्य आपस में नहीं उलझे। हालांकि, कुछ प्रस्तावों को लेकर आपत्तियां जरूर आईं, लेकिन सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। विधायक की समझाइश के चलते इस बार बैठक में हंगामे की स्थिति भी नहीं बनी। बैठक में सभापति विनोद सोनी, एमआईसी मेंबर विजय ताम्रकार, बंधू मौर्य, केशरी इंगोले, दिनेश देवांगन, मोती गंगवानी, निगम कमिश्नर अमित कुमार, अपर आयुक्त खजांची कुम्हार, चीफ इंजीनियर राजकुमार मिश्रा समेत अन्य मौजूद थे।

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