भास्कर न्यूज | जालंधर सिविल अस्पताल में चंडीगढ़ से ऑक्सीजन प्लांट के सुपरवाइजर को भी बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद ऑक्सीजन प्लांट पर ऑपरेटर की कमी बनी हैं, अब चंडीगढ़ ने 2 ऑपरेटर को नकोदर से ट्रांसफर कर दिया है, जो मंगलवार को जॉइन करेंगे। उधर, तीन मरीजों की मौत मामले की जांच चल रही है। इसलिए एमएस डॉ. राजकुमार और एसएमओ डॉ. सुरजीत सिंह को चंडीगढ़ अटैच किया गया है। मालूम हो कि सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार शाम ऑक्सीजन का प्रेशर कम होने पर तीन मरीजों की मौत हो गई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एमएस डॉ. राजकुमार, एसएमओ डॉ. सुरजीत, एनेस्थीसिया की डॉ. सोनाक्षी को निलंबित कर दिया था और हाउस सर्जन को ड्यूटी से नदारद मिलने पर बर्खास्त किया था। इसके बाद ऑक्सीजन प्लांट के सुपरवाइजर नरिंदर को शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया था। क्योंकि हादसे के दौरान ऑक्सीजन प्लांट पर दर्जा-4 मुलाजिम की ड्यूटी लगी थी। वहीं, ऑपरेटर के बर्खास्त होने पर ऑक्सीजन प्लांट पर ऑपरेटर की कमी बनी थी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने डायरेक्टर को भी ऑपरेटर की भर्ती के लिए पत्र दिया था। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ से नकोदर के 2 ऑपरेटर को सिविल अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया है, जो आज जॉइन करेंगे। इसके बाद सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट पर तीन ऑपरेटर हो जाएंगे। इस संबंध में एमएस डॉ. सतिंदर जीत िसंह बजाज ने कहा िक नकोदर से 2 ऑपरेटर मिले हैं। सोमवार को ओपीडी में होगी मरीजों की जांच सिविल अस्पताल में सोमवार को सभी ओपीडी में मरीजों को इलाज की सुविधा मिली। सोमवार को अस्पताल में लगभग 1200 मरीज इलाज के लिए आए थे। इस संबंध में पीसीएमएस के महासचिव डॉ. गौरव सेठी ने कहा कि इमरजेंसी में ईएमओ से दुर्व्यवहार के प्रयास में पर्चा दर्ज हो चुका है। इसलिए सोमवार को सभी ओपीडी में मरीजों को देखने का काम किया है। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि अब तक सुरक्षा के लिए इमरजेंसी में सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगी है।


