झारखंड में पीपल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) को बड़ा झटका लगा है। गुमला पुलिस ने गुप्त सूचना पर पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा को पारही छंगाबारी जंगल में एनकाउंटर में मार गिराया है। मार्टिन पर झारखंड पुलिस ने 15 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। गुमला एसपी हारिश बिन जमा और एसडीपीओ नाजिर अख्तर की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, मार्टिन अपनी टीम के साथ कामडारा में किसी कारोबारी से लेवी लेने पहुंचा था। इसकी सूचना मिलने पर एसपी ने एक टीम गठित कर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही शुरू की थी फायरिंग पुलिस को देखकर मार्टिन ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलीबारी की। जिसमें मार्टिन मारा गया। उसके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। इस एनकाउंटर में केवल गुमला पुलिस की टीम शामिल थी। एनआईए और झारखंड पुलिस के संयुक्त प्रयास से पीएलएफआई के पूर्व सुप्रीमो दिनेश गोप को नेपाल से गिरफ्तार किया गया था। दिनेश गोप पर 25 लाख रुपए का इनाम था। उसके जेल जाने के बाद मार्टिन को संगठन का सुप्रीमो बनाया गया था। जो संगठन का बिस्तर करने में लगा था। मार्टिन के जिम्मे ही था पूरा संगठन मार्टिन पीएलएफआई की पूरी कमान संभाल रहा था। वह जगह-जगह वारदातों को अंजाम देकर पीएलएफआई के नाम पर खौफ पैदा कर रहा था। उसके द्वारा सबसे ज्यादा रंगदारी मांगने की वारदातें की जा रही थीं। मार्टिन के पास से दो हथियार बरामद किए गए हैं। क्षेत्र में दो अन्य उग्रवादियों को भी गोली लगने की बात सामने आई है। गुमला एसपी हरीश बिन जमा ने घटना की पुष्टि की है। क्षेत्र में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। दिनेश गोप के बचपन का साथी था, साथ पढ़ाई भी की मार्टिन मूल रूप से कामडारा के रेड़मा गांव का रहने वाला था और पीएलएफआई की केंद्रीय समिति का सक्रिय सदस्य था। लेवी वसूली, धमकाने और फायरिंग की रणनीति वही तय करता था। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। दिनेश गोप की वजह से मार्टिन का संगठन में कद बड़ा था। मार्टिन और दिनेश गोप बचपन के साथ थे। दोनों एक साथ लापुंग के महुगांव स्थित स्कूल में पढ़ाई करते थे। बाद में दोनों ने एक साथ संगठन का विस्तार किया।


