रायबरेली में स्वामी प्रसाद मौर्य पर करणी सेना के एक कार्यकर्ता ने हमला कर दिया। रोहित द्विवेदी नाम के युवक ने पहले स्वामी प्रसाद को माला पहनाई, फिर सिर पर पीछे से हाथ मारकर भागने लगा। स्वामी प्रसाद अचानक चीखे, तो कार्यकर्ता अलर्ट हो गए। उन्होंने मौके से भाग रहे युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया। उसे गिराकर बुरी तरह पीटा। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल भीड़ से उसे बचाया। स्वामी प्रसाद के समर्थकों ने युवक को इतना पीटा कि वह खून से लथपथ हो गया। हमले की वजह पूछने पर उसने कहा- मैं करणी सेना से जुड़ा हूं। स्वामी प्रसाद ने ब्राह्मण जाति को कई बार गाली दी। सनातन धर्म के खिलाफ बोलते हैं। भगवान राम के खिलाफ बोलते हैं, इसलिए हमला किया। स्वामी प्रसाद फतेहपुर जा रहे थे। रास्ते में रायबरेली में रुके थे। तभी उन पर हमला हुआ। घटना मिल एरिया थाना क्षेत्र के सारस चौराहे की है। वहीं, हमले के बाद स्वामी प्रसाद ने कहा- करणी सेना के नाम पर कुछ कीड़े-मकोड़े योगी सरकार की कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे। सरकार गूंगी-बहरी और अंधी बनकर तमाशा देख रही। ये हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो दिखाता है कि गुंडे-माफिया कितने बेखौफ होकर घूम रहे। 4 तस्वीरें देखिए- आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दे सकते हैं… माला पहनाने के बहाने आया था युवक
CO सिटी अमित सिंह ने बताया- स्वामी प्रसाद फतेहपुर जा रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे यहां सारस चौराहे पर कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर उनका काफिला रुक गया। कार्यकर्ता उनको माला पहना रहे थे, तभी एक लड़का पीछे से आया। माला पहनाने के बाद पीछे से उनके सिर पर हाथ मारकर भागने लगा। कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़ लिया और पीट दिया। साथ में एक और लड़के को भी पीटा गया है। पुलिस ने बीच-बचाव कर दोनों लड़कों को बचाया। हमले के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य का काफिला फतेहपुर रवाना हो गया। आरोपियों की पहचान रोहित द्विवेदी पुत्र अमरेश कुमार निवासी कौरापुर गौरा रामगंज थाना डीह और शिवम यादव पुत्र कृष्ण कुमार निवासी गांव आटी थाना डीह के रूप में हुई है। दोनों को गिरफ्तार कर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हमला करने वाले रोहित ने कहा.. स्वामी प्रसाद ने ब्राह्मण जाति को गाली दी। सनातन धर्म के खिलाफ बोलते हैं। भगवान राम के खिलाफ बोलते हैं, इसलिए हमला किया। लोग बोले- सनातन पर टिप्पणी से नाराज था लड़के
हमले के दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- आरोपी रोहित करणी सेना से जुड़ा है। जिसने थप्पड़ मारा, उसके साथ एक और साथी मौके पर मौजूद था। रोहित को पिटता देख वो उसे बचाने लगा। तभी कार्यकर्ताओं ने दोनों को पकड़ लिया और जमकर पीटा। पिटाई से दोनों के कपड़े फट गए। पुलिस ने किसी तरह दोनों को छुड़ाया और गाड़ी में बिठाया। पुलिस ने आरोपी रोहित को कोर्ट में पेश करके जेल भेजा। इस दौरान आरोपी के समर्थन में 150 से 200 लोग भी पहुंचे। कोर्ट का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस ने सख्ती दिखाई और आरोपी के समर्थकों को कोर्ट से बाहर निकाला। 2 साल पहले स्वामी प्रसाद पर जूता फेंका गया था 2 साल पहले लखनऊ में स्वामी प्रसाद को वकील की ड्रेस पहनकर आए युवक ने जूता फेंककर मारा था। स्वामी प्रसाद सपा के पिछड़ा वर्ग के महासम्मेलन में शामिल होने के लिए इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पहुंचे थे। कार से उतरकर अंदर जा रहे थे। तभी युवक ने जूते से उन पर हमला कर दिया था। सपा कार्यकर्ताओं ने हमलावर युवक को पकड़ लिया था। उसको पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं से युवक को छुड़ाया था। इसके अलावा 3 मई, 2024 को भी स्वामी प्रसाद पर जूता फेंका गया था। यह वाकया फतेहपुर सीकरी में तब हुआ था, जब स्वामी मंच से भाषण दे रहे थे। जूता माइक पर लगा था। अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता स्वामी प्रसाद के हिंदू धर्म को लेकर दिए गए बयानों से नाराज थे। कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं। 5 बार विधायक रहे चुके हैं। 4 बार यूपी में मंत्री रहे हैं। वह योगी सरकार 1.0 में मंत्री थे। 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मंत्री पद से इस्तीफा देकर सपा में गए थे। सपा ने विधानसभा चुनाव में उन्हें कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से प्रत्याशी बनाया, लेकिन चुनाव हार गए। 1 साल पहले उन्होंने सपा छोड़ दी थी। इससे पहले बसपा भी अहम पदों पर रह चुके हैं। राजनीति के शुरुआती दिनों में लोकदल और जनता दल में भी स्वामी प्रसाद मौर्य रहे हैं। 20 जुलाई को स्वामी ने कांवड़ियों को गुंडे कहा था
लखनऊ में अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांवड़ियों को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। स्वामी प्रसाद ने कांवड़ियों को सत्ता संरक्षण में पलने वाले गुंडे और माफिया कह दिया था। कहा था कि ये कांवड़िए नहीं हैं। इनका आराध्य भोला-भाला है, तो भक्त हिंसक कैसे? कांवड़िए सत्ता संरक्षण में पलने वाले गुंडे माफिया हैं, जो अराजकता फैला रहे हैं। कांवड़िए के भेष में ये पूरे प्रदेश में कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। —————————- यह खबर भी पढ़ें घर डूबा तो गांव के बाहर तंबू लगाकर रहने लगे:प्रशासन की 2 पूड़ियों से भर रहे पेट फतेहपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर ललौली गांव के करीब 1 हजार लोग तंबू बनाकर रह रहे हैं। बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। नौजवान काम पर जाने के बजाय परिवार को बाढ़ से सुरक्षित करने में लगे हैं। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट


