लुधियाना में हुए विधानसभा उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार व मंत्री संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस के उम्मीदवार भारत भूषण आशु को हराकर जीत हासिल की थी। लेकिन अब संजीव अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लुधियाना के जसविंदर मल्ही नाम के व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले में अब सुनवाई 13 अगस्त को तय की गई है। याचिका में कहा गया है कि अरोड़ा ने चुनाव के समय अपने से जुड़ी कई जानकारियां छुपाई थी। चुनाव में तय सीमा से अधिक खर्च करने का आरोप आरोप है कि संजय अरोड़ा ने तय सीमा से अधिक चुनावी खर्च किया। अपनी आय की जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं की। चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। वहीं 40 लाख की सीमा से कहीं अधिक करोड़ों रुपए खर्च किए गए। खर्च की सीमा का उल्लंघन लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता-डॉ. मल्ही डॉ. मल्ही के वकीलों ने कहा कि यह मामला केवल खर्च छिपाने का नहीं है, बल्कि अवैध प्रचार रणनीतियों और भ्रष्ट आचरण का है। उन्होंने अदालत में दस्तावेजी सबूत पेश किए हैं, जो इन आरोपों को साबित करते हैं। डॉ. मल्ही के प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव में खर्च की सीमा का उल्लंघन लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता है। यह याचिका जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दायर की गई है। 19 जून को हुआ मतदान
हलका पश्चिमी में 19 जून को वोटिंग के लिए 194 मतदान केंद्र बनाए गए थे। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शाम 7 बजे तक 51.33% वोटिंग हुई थी। इस सीट पर 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार गुरप्रीत गोगी की जीत हुई थी। हालांकि, कुछ समय पहले उनकी गोली लगने से मौत हो गई, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया था। AAP ने यहां से राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने यहां से पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को उम्मीदवार बनाया था। वह 2012 और 2017 में इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। अकाली दल से एडवोकेट परउपकार सिंह घुम्मन उम्मीदवार थे। इसके साथ ही भाजपा ने यहां से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि वाले वरिष्ठ नेता जीवन गुप्ता को टिकट दिया था।


