कोंडागांव में खाद्य सुरक्षा अभियान “बने खाबो बने रहिबो” के तहत सक्रियता बढ़ गई है। इस अभियान के तीसरे दिन, खाद्य और औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीम ने कोंडागांव शहर के मिठाई दुकानों, होटलों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं से कुल 15 खाद्य नमूने एकत्र किए। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। नमूनों में प्रेम स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट से बर्फी, पटेल होटल, शामपुर से गुलाब जामुन और बालूशाही, राधे बीकानेर स्वीट्स से मावा और नमकीन मिक्चर और अन्ना मिक्चर से नमकीन मिक्चर शामिल हैं। नहीं करना होगा अखबारी कागज का इस्तेमाल अभियान का उद्देश्य सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है। टीम ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को हेड कवर भी वितरित किए। इससे वे अपनी और उपभोक्ताओं की स्वच्छता बनाए रख सकेंगे। होटल संचालकों को अखबारी कागज का इस्तेमाल रोकने के लिए डिस्प्ले लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अखबारी कागज में छपे रसायन और स्याही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। खाद्य पदार्थों की सुरक्षा का महत्व भी समझाया गया इस अवसर पर विक्रेताओं और संचालकों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि बार-बार उपयोग किए जाने वाले तेल से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। साथ ही वर्षा ऋतु में खाद्य सामग्री के रख-रखाव, फूड हैंडलर्स की सफाई और खुले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा का महत्व भी समझाया गया। होटलों में अब दीवारों पर डिस्प्ले लगे मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ के साथ-साथ फूड स्टॉल के संचालक सिर पर हेड कवर लगाए नजर आ रहे हैं। होटलों में अब दीवारों पर डिस्प्ले लगे हैं। यह सब बदलाव “बने खाबो बने रहिबो” अभियान की वजह से हो रहा है। यह पहल जिले में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है।


