पंचकुइया स्थित युगपुरुष धाम में चल रहे दिव्यांगों के बौद्धिक विकास केंद्र की मान्यता जिला प्रशासन ने अंतत: रद्द कर दी है। जुलाई में इस केंद्र में 10 से ज्यादा बच्चों की एक एक कर मौत हुई थी। वहीं 60 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए थे। जांच में कई तरह की खामियां भी सामने आई थी। मामले में उच्च स्तरीय जांच कमेटी ने रिपोर्ट में बताया कि बच्चों की मौत का सिलसिला जून के तीसरे हफ्ते में शुरू हो गया था, लेकिन इसे छिपाया गया था। इलाज के दौरान पता चला था कि वे डिहाइड्रेशन और कुपोषण के शिकार थे। कुछ बच्चों के शव को बिना पोस्टमार्टम किए ही परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद संस्था के अध्यक्ष, सचिव और संचालिका को हटाने के आदेश जारी किए गए थे। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि मामले में आश्रम को नोटिस दिया था। प्रबंधन में भी बदलाव किया गया था। फिर सहमति के बाद गुरुवार से आश्रम के 86 दिव्यांग (34 बालक और 52 बालिकाएं) बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी थी, जो पूरी हो चुकी है। उज्जैन के आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में 86 दिव्यांग और बहु-दिव्यांग बच्चे संस्था में स्थानांतरित होकर आए हैं।


