झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर शनिवार को अचानक पलामू स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पहुंच गए। उन्होंने वहां निरीक्षण किया। इस दौरान वहां फैली गंदगी को देख वो नाराज हो गए। हॉस्पिटल में सक्रिय दलालों को लेकर के भी मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। डॉक्टर और कर्मियों से कहा- यह धंधा यहां नहीं चलेगा। दलाली बंद करने का उपाय करें। हॉस्पिटल के सभी स्टाफ ड्रेस में रहें ताकि मरीजों को उन्हें पहचानने में आसानी हो। मरीजों ने मंत्री से पैसे मांगने की भी शिकायत की वित्त मंत्री डेढ़ घंटे तक हॉस्पिटल में रहे और हर वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान ड्यूटी से डॉक्टर गायब मिले, हॉस्पिटल में गंदगी फैला दिखा। मरीजों ने मंत्री से पैसे मांगने की भी शिकायत की। मरीजों ने की शिकायत मंत्री को अपने बीच पाकर भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं किया जाता है। हॉस्पिटल के कर्मी 10 हजार और 15 हजार रुपए पैर के ऑपरेशन के लिए मांग रहे हैं। इस पर मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी का इलाज निःशुल्क करें। इमरजेंसी वार्ड की हालत को देख कहा- यह सिर्फ नाम के लिए इमरजेंसी वार्ड की हालत को देख उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम के लिए इमरजेंसी है। इमरजेंसी वार्ड में ना तो ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था है और ना ही हार्ट रेट, ऑक्सीजन लेवल और बीपी मापने के लिए मॉनिटर तक नहीं लगा है। सर्जरी वार्ड में बेड पर खून लगा चादर और गंदगी देखकर भी मंत्री नाराज हो गए। वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि 5 करोड़ रुपए अकाउंट में पड़ा है। लेकिन बैठक नहीं होने के कारण उसे खर्च करने की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। इसके अलावे मेडिकल कॉलेज का निर्माण पांच वर्ष में भी पूरा नहीं होने पर मंत्री ने निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि को हर हाल 2025 के दिसंबर तक उसे पूरा करने का निर्देश दिया।


