धनबाद जिले के ईसीएल मुगमा क्षेत्र अंतर्गत राजा कोलियरी ओसीपी में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खनन के दौरान चाल धंस गया। इस हादसे में बिरसिंह गांव निवासी 36 वर्षीय बाबू गोराई की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसी गांव के 26 वर्षीय मंगल बाउरी सहित कई लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक राजा कोलियरी के दर्जनों अवैध मुहानों में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष कोयला काटने जाते हैं। जबकि पिछले दो महीने से लगातार बारिश के बावजूद यह सिलसिला जारी है। अवैध तरीके से खनन की वजह हादसा हुआ। बताया गया कि हादसे के बाद ग्रामीण बॉडी और घायलों को लेकर भाग निकले। आवासीय परिसर और दुर्गा मंदिर के नीचे काट रहे थे कोयला घटना उस समय हुई, जब कोलियरी आवासीय परिसर और दुर्गा मंदिर के नीचे कोयला काटने का काम चल रहा था। अचानक ऊपर का मलबा धंस गया, जिसकी चपेट में आने से बाबू गोराई मलबे में दब गया और उसकी मौत हो गई। मंगल बाउरी का कमर से नीचे का हिस्सा मलबे में फंस गया, वहीं तीन अन्य लोगों को भी आंशिक चोटें आईं। ग्रामीणों ने बीरसिंहपुर और डांगापाड़ा से पहुंचकर दोनों को बाहर निकाला और घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मृतक का अंतिम संस्कार डांगापाड़ा श्मशान घाट में कर दिया गया। ईसीएल और पुलिस ने दी अनभिज्ञता की सफाई हादसे की सूचना के बाद भी ईसीएल प्रबंधन और निरसा पुलिस ने घटना की जानकारी से अनभिज्ञता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता और मिलीभगत के कारण ही अवैध खनन का धंधा फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिनमें जानें जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुखिया संघ अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप निरसा मुखिया संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि अब तक तीन से अधिक बड़े हादसे हो चुके हैं, मगर प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कोयला चोरी में प्रशासन की मिलीभगत है। विरोध करने पर उनके घर पर कोयला तस्करों ने हमला किया और उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी मौके पर प्रशासन का न पहुंचना संदेह पैदा करता है। पिछले हादसों से नहीं ली गई सीख कोयला चोरी और अवैध खनन के कारण पहले भी कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में बाघमारा अनुमंडल क्षेत्र में इसी तरह के हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना पर गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और जमशेदपुर विधायक सरयू राय ने ट्वीट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और घटनास्थल का दौरा किया था। बावजूद इसके, अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पाया है।


