लुधियाना में नवजात को निजी अस्पताल में दो बार मृत बताया, तीसरी बार सिविल अस्पताल में मौत

लुधियाना के टिब्बा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने बच्चे को दो बार मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों बार उसकी सांसें चल रही थीं। तीसरी बार जब बच्चे को सिविल अस्पताल ले जाया गया तो सरकारी डॉक्टरों ने उसे जिंदा बताते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन 40 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित पिता आशु के मुताबिक, उसकी पत्नी पायल का शुक्रवार सुबह अस्पताल में डिलीवरी हुई। लेडी डॉक्टर ने डिलीवरी के बाद बताया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है और उसे ट्रे में रख दिया, यहां तक कि कपड़ा भी नहीं ढका। परिवार बच्चे को दफनाने ले गया, लेकिन तभी उन्होंने महसूस किया कि बच्चे की सांसें चल रही हैं। वह तुरंत वापस अस्पताल पहुंचे, मगर डॉक्टर ने फिर से मृत घोषित कर दिया। दूसरी बार भी दफनाने की तैयारी के दौरान बच्चे की सांसें महसूस हुईं तो इस बार परिजन उसे सीधे सिविल अस्पताल ले गए। पिता का आरोप: लापरवाही से बर्बाद हुआ कीमती समय पिता आशु ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पताल की डॉक्टर ने बच्चे को समय पर सही इलाज नहीं दिया और उसे मृत बताकर परिजनों को वापस भेज दिया, जिससे इलाज में कीमती समय बर्बाद हो गया और उनके बच्चे की जान चली गई। बच्चे की मौत के बाद गुस्साए परिजन और मोहल्ले के लोग अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल संचालक और डॉक्टर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही थाना टिब्बा पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया।

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