पंजाब के लुधियाना में आज सेंट्रल जेल में राखी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहन-भाइयों ने ये पवित्र त्योहार जेल में मिलकर मनाया। जेल प्रशासन द्वारा राखी के त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त किए गए। आज बहन और भाइयों की आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान थी। भाई-बहनों का प्यार देख अधिकारियों की आंखें भी नम हो गई। प्रशासन द्वारा खुद मिठाइयों और राखी के स्टॉल तैयार करवाकर लगाए गए। जेल में बंद भाइयों को बहनों ने सामने कुर्सी पर बैठकर राखी बांधी। करीब 2600 बहनें जेल पहुंची थी। बहनों ने किया सरकार का धन्यवाद जेल पहुंची बहनों का कहना था कि पिछले साल भी उन्होंने भाई को आमने-सामने बैठा कर राखी बांधी थी। इस साल भी सरकार ने वही सुविधा दी है। वह सरकार का धन्यवाद करती है। ऐसे लग रहा है कि वह जेल में न होकर अपने भाई को अपने घर में राखी बांध रही है। उन्होंने अपने भाइयों की लंबी आयु और खुशहाल जीवन की कामना की। साथ ही राखी बांधने के बदले में उनसे उपहार के तौर पर अपराध की दुनिया छोड़कर समाज में रहकर अपनी अच्छी पहचान बनाने को कहा। भाइयों ने बहनों को वचन दिया कि वह अपराध से अब तौबा करेंगे। जेल के मुख्यद्वार पर बहनें ड्यूडी में जाकर बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार सुबह से कर रही है। इससे पहले जेल प्रशासन द्वारा आदेश जारी किए गए थे कि परिवारों को राखी बांधने के लिए आने की सूचना पीआईसीएस मशीन माध्यम से फोन करके देनी होगी। ताकि इस पर्व के दिन किसी बंदी के परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े। हर बहन को 5 से 10 मिनट मुलाकात के दिए
जेल सुपरिटेडेंट कुलवंत सिंह सिद्धू ने कहा कि जेल में दाखिल होने वालों के लिए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। जेल प्रशासन द्वारा किसी को भी खाने-पीने का सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। वहीं हर बहन को 5 से 10 मिनट मुलाकात के दिए गए। सिर्फ को मिठाइयों के स्टॉल जेल प्रशासन द्वारा लगाए गए है वही अंदर ले जाए जा सकते है। हमारे पास जेल में 4500 से अधिक कैदी और हवालाती है। इसलिए उनकी आज पूरी कोशिश है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखते हुए हर बहन को उसके भाई से मिलवाया जाए।


