बालोद के इनडोर स्टेडियम में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में जिलेभर के आदिवासी समाज के पदाधिकारी और सैकड़ों लोग शामिल हुए। दोपहर 12 बजे स्टेडियम से रैली निकाली गई, जिसमें आदिवासी वेशभूषा पहने समाज के युवाओं ने रेला-पाटा नृत्य की प्रस्तुति दी। समारोह के दौरान सर्व आदिवासी समाज बालोद के जिलाध्यक्ष तुकाराम कोर्राम ने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत जानने और समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी जब अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते है तब हम अपनी परंपराओं को संरक्षित करते हैं। जिला पंचायत सदस्य मिथलेश निरोटी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। जहां आदिवासी समुदाय के लोग अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में यह पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। रैली के दौरान आदिवासी समाज के प्रमुख जनों ने संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर, छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।


