अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 15 अगस्त को अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे। ट्रम्प ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि बैठक से जुड़ी जानकारियां जल्द बताई जाएंगी। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि वह पुतिन से जल्द मिलकर यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर बातचीत करना चाहते हैं। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेनी लोग अपनी जमीन कब्जा करने वालों को नहीं देंगे। इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि जंग को खत्म करने के लिए कुछ इलाकों की अदला-बदली करनी होगी। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन जंग के समाधान के लिए तैयार है, ताकि शांति आ सके। लेकिन बातचीत में यूक्रेन को शामिल किए बिना कोई भी समाधान शांति के खिलाफ ही होगा। अमेरिका-रूस के राष्ट्रपति आखिरी बार 2021 में मिले थे रॉयटर्स के मुताबिक ट्रम्प इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ त्रिपक्षीय बातचीत भी करना चाहते हैं। वे इस बातचीत में पुतिन को भी शामिल करना चाहते हैं। अमेरिका और रूस के राष्ट्रपति के बीच आखिरी मुलाकात जून 2021 में हुई थी। उस वक्त तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पुतिन ने जिनेवा में मुलाकात की थी। 4 साल बाद होने जा रही इस मुलाकात को लेकर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को बताया था, रूस ने ट्रम्प से मुलाकात की इच्छा जताई है। ट्रम्प पुतिन और जेलेंस्की दोनों से मिलने को तैयार हैं। अमेरिका के विशेष दूत पुतिन से मिले थे ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बुधवार को पुतिन से मुलाकात की थी। ट्रम्प ने इस बैठक को अहम बताया। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया था कि दोनों देशों ने यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत की। ट्रम्प अब तक 4 बार रूसी राष्ट्रपति से बात कर चुके हैं… हवाई हमले रोकने का प्रस्ताव दे सकता है रूस रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस हवाई हमले रोकने के लिए एक अस्थाई प्रस्ताव दे सकता है। यह प्रस्ताव बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको ने पिछले हफ्ते पुतिन से मुलाकात के दौरान रखा था। हालांकि, यह पूर्ण युद्धविराम नहीं होगा, लेकिन इससे दोनों पक्षों के लिए एक राहत हो सकती है। फिलहाल रूस ने मई के बाद से यूक्रेन पर सबसे भारी हवाई हमले किए हैं। इनमें कीव में ही 72 लोगों की मौत हुई है। ट्रम्प ने इन हमलों को घिनौना बताया था। यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों और डिपो पर हमले जारी रखे हुए है। जानिए क्यों शुरू हुई रूस-यूक्रेन की जंग फरवरी 2022- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमले का ऐलान करते ही यूक्रेन में रूसी टैंक धड़धड़ाते हुए घुसने लगे। तब के अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बोले- पुतिन से बातचीत का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने पूरी दुनिया को खतरे में डाल दिया है। रूस को यूक्रेन पर हमले की गंभीर कीमत चुकानी होगी। फरवरी 2025- अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन से फोन पर 90 मिनट तक बात की। इसके बाद सऊदी अरब में यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और अमेरिकी के बीच हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें यूक्रेन को नहीं रखा गया। ट्रम्प ने पुतिन की तारीफ की और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को ‘तानाशाह’ कह दिया। मई 2025- रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति बातचीत 2025 में तेज हुई, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहल के बाद। हाल के दिनों में कैदी अदला-बदली हुई है, लेकिन क्षेत्रीय नियंत्रण और सुरक्षा गारंटी पर मतभेद बने हुए हैं। ——————————– यह खबर भी पढ़ें… यूक्रेनी सेना में महिलाओं की संख्या दोगुनी हुई:साढ़े तीन साल में 1 लाख पहुंची; ड्रोन से लेकर मोर्चे पर तोपें संभाल रहीं यूक्रेन और रूस युद्ध के बीच यूक्रेन की सेना में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। बीते साढ़े तीन साल में सेना में महिलाओं की संख्या बढ़कर एक लाख हो गई है। फिलहाल यूक्रेनी सेना में कुल 10 लाख सैनिक हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद महिलाएं सेना में शामिल होने के लिए खुद आगे आ रही हैं। सशस्त्र बलों की सलाहकार ओक्साना ग्रिगोरिएवा बताती हैं कि रूस के खिलाफ फिलहाल साढ़े पांच हजार महिलाएं सीधे मोर्चे पर हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…


