गिरोह के सभी सदस्य मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी क्राइम रिपोर्टर | रांची विधानसभा थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित ट्रक व ट्रेलर से छड़ के अलावा लोहे के अन्य सामान की चोरी कर बेचने वाले गिरोह में पैसा बंटवारे को लेकर शनिवार को आपस में ही विवाद हो गया। चोर गिरोह आपस में ही भीड़ गए जिसके बाद जमकर मारपीट हुई। एक गुट में अपराधियों की संख्या ज्यादा थी, उन लोगों ने दूसरे गुट के अशरफ और कृष्णा की जम कर पिटाई कर दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अशरफ को सड़क किनारे ही छोड़ दिया और कृष्णा का अपहरण कर जबरन कार में बैठा लिया। कृष्णा की हत्या की नीयत से लेकर वहां से रिंग रोड के रास्ते सभी फरार हो गए। किसी तरह अशरफ ने कृष्णा के अपहरण की पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल अशरफ को इलाज के लिए रिम्स भेजा। इधर, दिनदहाड़े अपहरण किए जाने की जानकारी मिलते ही जिले के सभी थानेदार अलर्ट होग गए। सभी प्रमुख सड़कों पर चेकिंग अभियान शुरू किया गया। सभी थानेदार ऑन रोड हो गए। डीएसपी को भी सक्रिय कर दिया गया। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग तीन टीमों ने अपहरणकर्ताओं का पीछा शुरू किया। इसी दौरान कार सवार अपहर्ताओं को बीआईटी मेसरा पुलिस ने रिंग रोड में पकड़ लिया और अपहृत कृष्णा को सकुशल बरामद किया। तीन अपहर्ता को भी गिरफ्तार कर विधानसभा थाने को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार अपराधियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस जांच में यह जानकारी मिली है कि रिंग रोड में ट्रक व ट्रेलर से चोरी का सामान खपाने के लिए पूरा एक सिंडिकेट काम कर रहा था। गिरोह के सभी अपराधी बड़े पैमाने पर लोहे का छड़ समेत अन्य सामान की चोरी करते थे। फिर उसे एक धर्मकांटा में वजन कराने के बाद बेच देते थे। इस काम में धर्मकांटा के एक कर्मी की भी मिलीभगत रहती थी। इसके एवज में उसे भी पैसे मिलते थे। पुलिस ने उस युवक को हिरासत में लिया है। उससे भी पूछताछ की जा रही है। गिरोह के सभी आरोपी मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। वर्तमान में बोकारो स्थित बालीडीह में शरण ले रखी थी।


