डूंगरपुर नगर परिषद क्षेत्र में गरीब परिवारों को आवासीय जमीन दिलाने की अटल आवासीय योजना पर हाई कोर्ट ने 19 दिसंबर को स्टे दिया। इसके पांच दिन बाद नगर परिषद के सभापति और उपसभापति ने जयपुर में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मुलाकात कर इस आवासीय योजना की बुकलैट सौंपी। इसके बाद उपसभापति ने सोशल मीडिया पर सीएम को बुकलैट सौंपते हुए फोटो पोस्ट की है, जिससे लोगों को भरोसा दिलाया जा सके योजना अभी जारी है। इसके बाद योजना को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संशय हैं। 5 दिन बाद जयपुर गए सभापति, सीएम को सौंपी बुकलैट
स्थानीय लोगों की याचिका पर हाई कोर्ट ने 19 दिसंबर को योजना पर रोक लगा दी हो, लेकिन नगर परिषद के सभापति अमृत कलासुआ, उपसभापति सुदर्शन जैन समेत कुछ पार्षद 25 दिसंबर को जयपुर पहुंचे। अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती पर जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभापति, उपसभापति ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को आवासीय योजना की बुकलैट सौंपी, जबकि इस पूरी योजना पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। वहीं, बुकलैट के साथ मुख्यमंत्री के फोटो को सोशल मीडिया पर उपसभापति ने पोस्ट कर दिया, जिससे लोगों को भरोसा दिलाया जा सके कि योजना शुरू है। ऐसे में योजना को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संशय हैं। डूंगरपुर नगर परिषद की ओर से 2 दिसंबर को उदयपुर में आयोजित कार्यक्रम में अटल आवास योजना की शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी और टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सभापति अमृत कलासुआ, उपसभापति सुदर्शन जैन के साथ ही उदयपुर भाजपा शहर प्रभारी बंशीलाल खटीक और नगर उपाध्यक्ष मनोज सिंह चौहान ने बुकलैट का विमोचन किया। इसका एक फोटो भी उपसभापति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें योजना का जिक्र किया गया है। इसी दिन से नगर परिषद ने आवास योजना के आवेदन की बिक्री भी शुरू कर दी। आवेदन फॉर्म शुल्क 500 रुपए रखा गया। 138 बीघा जमीन पर है योजना
नगर परिषद की ओर से अटल आवासीय योजना के लिए शहर से सटी पैरा फेरी क्षेत्र बिलड़ी में तैयार की गई है। 138 बीघा जमीन पर ये पूरी योजना है। जिसमें 138 आवासीय और 56 कॉमर्शियल प्लाट हैं। इसमें 24 आवास को गरीब और पिछड़े लोगों को लॉटरी के माध्यम से दिए जाएंगे, जबकि 114 प्लाट नीलामी से दिए जाएंगे। इस योजना को लेकर बिलड़ी क्षेत्र के कब्जे शुदा लोगों ने विरोध जताया। कोर्ट में गए लोग, 19 दिसंबर को स्टे आदेश
शहर से चार किलोमीटर दूर आसपुर-सागवाड़ा रोड पर बिलड़ी में अटल आवासीय योजना के तहत चिह्नित जमीन को लेकर मामला कोर्ट में चला गया। बिलड़ी कुशलमगरी निवासी भूपेंद्र परमार, रतनलाल रोत, बंशीलाल ननोमा, कमलेश रोत और रमेशचंद्र ननोमा ने हाई कोर्ट में रिट दायर की। लोगों ने अटल आवास योजना की चिह्नित जमीन को अपनी कब्जे शुदा बताया। जिस पर कोर्ट ने 19 दिसंबर को आवासीय योजना पर रोक लगा दी। ऐसे में आवासीय योजना के फॉर्म बिक्री से लेकर किसी भी तरह के काम पर रोक लग गई। विरोधी हमारे काम को रोकने में लगे हैं
सभापति अमृत कलासुआ ने कहा कि हमारे विरोधी योजना पर रोक लगाना चाहते हैं। कोर्ट ने 12 जनवरी तक के लिए स्टे दिया है। हमने इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को बुकलैट सौंपी है। वहीं, यूडीएच मंत्री को भी पूरे मामले के बारे में बताया है। 600 फॉर्म बिके
अटल आवासीय योजना के तहत 2 दिसंबर से आवेदन फॉर्म जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत नगर परिषद से 600 फॉर्म की बिक्री हो चुकी है। प्रति आवेदन फॉर्म 500 रुपए का शुल्क रखा गया है। स्टे के बाद अब लोग जमीन को लेकर विवाद के चलते असमंजस में है।


