गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में नेचर हीलिंग कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें मलेशिया से 4 विदेशी मेहमान विशेष रूप से शामिल हुए। मलेशियाई मेहमानों का पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन पर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को जिले के 2 प्रमुख जलप्रपात लक्ष्मणधारा और झोझा की ट्रैकिंग कराई गई। अरपा नदी पर स्थित लक्ष्मणधारा जलप्रपात अपने पूरे शबाब पर था। विदेशी मेहमानों ने ग्रामीणों के संग मिलकर खाना भी बनाया। जलप्रपात की ट्रैकिंग कराई गई शाम को पर्यटकों का लमना होमस्टे में ग्रामीण महिलाओं ने तिलक लगाकर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। गांव वालों का प्रेम और सम्मान ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा को जीवंत कर रहा था। रात्रि में स्थानीय लोकनृत्य गौरा-गौरी की प्रस्तुति ने सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। ग्रामीण महिलाओं के साथ मिलकर बनाया नाश्ता शिविर के दूसरे दिन मलेशिया से आई पर्यटक एलिस ने ग्रामीण महिलाओं के साथ मिलकर नाश्ता तैयार किया। पर्यटकों ने झोझा जलप्रपात की ट्रैकिंग की। यह जलप्रपात लगभग 350 फीट नीचे गिरता है और अत्यंत सुंदर और दुर्गम है। जिला प्रशासन ने यहां तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का निर्माण कराया है। इससे रास्ता आसान हो गया है। यह निर्माण प्रशासन की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो इस क्षेत्र के पर्यटन को और सुलभ बनाता है। 2 दिन का आयोजन बता दें कि ये आयोजन प्रशासन के सहयोग और स्थानीय पर्यटन समितियों की मेहनत से पर्यटन के क्षेत्र में जिले की पहचान लगातार बढ़ रही है। बनमनई इको फाउंडेशन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 6 और 7 अगस्त को इसका आयोजन हुआ। इनके अलावा बिहार से फिल्म निर्माता आर्यन चंद्रप्रकाश और सीनियर पत्रकार विभाष झा भी पहुंचे। बेंगलौर से डॉ अरविंद गुप्ता और कोल इंडिया के सेवानिवृत्त प्रबंधक ए के सिंह ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय और अमलाई के शोधार्थी सहित 20 अन्य प्रतिभागियों ने भी कैंप में हिस्सा लिया।


