पवन ने धर्म बदलकर मुस्लिम लड़की से निकाह किया:तलाक लेकर नर्सिंग छात्रा को लिव इन में रखा, 45 लाख रुपए लिए; प्रेग्नेंसी के बाद पकड़ाया

बैतूल जिला अस्पताल में 10 दिन पहले नर्सिंग स्टूडेंट की मौत के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। नर्सिंग स्टूडेंट के पास रिटायर्ड पिता का अकाउंट था, जिससे उसके लिव इन पार्टनर ने 45 लाख रुपए निकाल लिए। दोनों एक साल से लिव इन में रह रहे थे। वह 4 माह की गर्भवती थी, इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान नर्सिंग स्टूडेंट की मौत के बाद लिव इन पार्टनर फरार हो गया। पुलिस ने जब युवक के बारे में छानबीन की तो पता चला कि वह दो शादियां कर चुका है। पहली पत्नी से उसने राजा अली बनकर निकाह किया था। उसे तलाक देने के बाद आदिवासी युवती से शादी कर ली। दोनों पत्नी से उसके दो-दो बच्चे हैं। दूसरी पत्नी से छिपकर वह नर्सिंग स्टूडेंट के साथ लिव इन में रह रहा था। नर्सिंग स्टूडेंट की मौत के बाद परिजन ने पुलिस को बताया कि पिता का बैंक अकाउंट वही चलाती थी। उस अकाउंट से किसी राजा अली के खाते में लाखों रुपए ट्रांसफर हुए हैं। इसके बाद से पुलिस राजा अली को खोज रही थी। राजा अली जब पकड़ में आया तो पता चला कि उसका असली नाम पवन पवार है। आरोपी के परिवार का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। दो शादियां, फिर नर्सिंग स्टूडेंट से अफेयर
पवन पवार बैतूल के पास खेड़ी सांवलीगढ़ का रहने वाला है। माता-पिता की मौत के बाद वह बैतूल के माचना नगर में मामा-मामी के पास रहने लगा। यहां वह ड्राइविंग कर अपना गुजारा करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक मुस्लिम युवती से हुई। उससे निकाह करने के लिए पवन ने अपना नाम राजा अली रख लिया। आधार कार्ड से लेकर सारे दस्तावेज भी बदलवा लिए। मुस्लिम युवती के साथ 6-7 साल रहा, जिससे उसके दो बच्चे भी हैं। तलाक के बाद वह फिर पवन बन गया। इसके बाद चिचोली की रहने वाली आदिवासी युवती से शादी कर ली। दोनों बैतूल की ग्रीन सिटी में किराए का मकान लेकर रहने लगे। आदिवासी युवती से उसके दो साल और 5 महीने का बच्चा है। दिसंबर 2022 में ट्रेवल की गाड़ी चलाते हुए पवन की मुलाकात नर्मदापुरम में नर्सिंग स्टूडेंट से हुई। युवती को घूमने का बहुत शौक था। उज्जैन टूर पर जाते समय दोनों की दोस्ती गहरी हो गई। वह नर्मदापुरम में ही किराए से रहती थी। पवन उसे बैतूल ले आया। यहां एक कमरा किराए से लेकर उसके घर आने-जाने लगा। नर्सिंग स्टूडेंट 5 माह की गर्भवती हो गई। अस्पताल में खुद को मकान मालिक बताया
14 दिसंबर रविवार को जिला अस्पताल में युवती को भर्ती कराया था। इलाज के दौरान 15 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। भर्ती कराने आए युवक ने युवती का ही मोबाइल नंबर लिखवा दिया और खुद को उसका मकान मालिक बताया। इसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस ने युवती की जानकारी जुटाई तो वह बोरदेही की निकली। 16 दिसंबर को युवती के परिवार को जिला अस्पताल बुलाया गया। शव का पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस के मुताबिक पीएम रिपोर्ट में युवती गर्भवती पाई गई। परिजन को नहीं पता युवती कब बैतूल आई
पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो पता चला कि कोई पवन नाम का युवक उसे अस्पताल लाया था। युवती के परिजनों के अनुसार पहले वे सारणी थाना क्षेत्र में रहते थे। रिटायरमेंट के बाद अपने गांव चले गए थे। युवती नर्मदापुरम में रहकर एमएससी की पढ़ाई कर रही थी। वह बैतूल में कब से और किसके साथ रह रही थी, इसकी उन्हें भी जानकारी नहीं थी। बहन बोली- पिता के अकाउंट से लाखों रुपए निकाले
युवती की बहन के मुताबिक पिता पाथाखेड़ा कोयला खान से रिटायर हुए थे। मम्मी और पापा का जॉइंट अकाउंट था। इस खाते में करीब 90 लाख रुपए जमा थे, जिसमें से करीब 45 लाख रुपए निकाल लिए गए। इसमें एक दर्जन से ज्यादा मोबाइल नंबरों पर फोन पे के जरिए निकाले गए हैं। इस खाते को दीदी ही चलाती थी। दीदी की मौत किसी साजिश के तहत हुई है। बहन ने बताया कि युवती ने इस साल जनवरी से घर वालों से बात बंद कर दी थी। तब से उनका उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। घर वालों के नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिए थे। वह नर्मदापुरम से बैतूल कब पहुंची, इसका भी किसी को कुछ नहीं पता। परिवार वालों को उसकी मौत पर ही जानकारी मिली कि वह बैतूल में रह रही थी। बहन अविवाहित थी, लेकिन अस्पताल में पवन पवार का नाम दर्ज है। लेकिन वह कौन है, किसी को नहीं पता। पिता के बैंक अकाउंट से लाखों रुपए गायब थे, जो राजा अली के अकाउंट में कई बार ट्रांजेक्शन किए गए थे। जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि राजा अली ही पवन है। पुलिस ने उसके पास से दोनों नामों के बैंक पासबुक जब्त की है। दो कार और एक एक्टिवा खरीदी
टीआई रविकांत डहरिया ने बताया, मामले में पवन उर्फ राजा अली को गिरफ्तार किया गया है। वह युवती के साथ एक साल से लिव इन में रह रहा था, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। युवती की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कर भाग गया था। पवन ने स्वीकार किया है कि उसने ही ट्रांजेक्शन अपने खाते में किए थे। इन्हीं रुपए से उसने 2 अर्टिगा कार और एक एक्टिवा खरीदी थी।

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