बांग्ला सावन की अंतिम सोमवारी पर भीमखंदा में भक्तों ने किया जलाभिषेक

भास्कर न्यूज | राजनगर राजनगर के भीमखंदा भीमेश्वर बाबा मंदिर में बांग्ला सावन की अंतिम सोमवारी पर जलाभिषेक करने के लिए शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी। राजनगर प्रखंड मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित भीमखंदा में शिव पूजा कमेटी भीमखंदा द्वारा श्रावण पूर्णिमा की अंतिम सोमवारी शिव भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। कमेटी की ओर से सभी कांवरियों को लाइन से जलाभिषेक करने की व्यवस्था की गई, जिससे कांवरियों को दिक्कत न हो। समिति की ओर से सभी भक्त व कांवरियों के लिए नाश्ता, चाय व शरबत की व्यवस्था की गई थी। श्रावणी मेला भीमखंदा में आठ समितियों व ग्रुपों ने भंडारण का आयोजन किया था- जेएलकेएम ग्रुप, महाकाल सेवा ग्रुप टांगरानी, मुसिका आटा चक्की मानगो, बोलबम सेवा समिति संग राजड़, बोलबम सेवा समिति बड़ा कूनाबेड़ा, गोविंद गोड़ा समिति गजिया। सभी समितियों व ग्रुपों ने पूड़ी, बुंदिया, खिचड़ी, नाश्ता, चाय, चना-गुड़, शरबत सभी कांवरियों व भक्तजनों को दिया। शिव पूजा कमेटी के अध्यक्ष तपन कुमार महतो ने कहा कि श्रावण महीने के प्रत्येक सोमवार को हजारों की संख्या में कांवरिया जलाभिषेक करते हैं। श्रावण महीने के सभी सोमवार को कमेटी की ओर से सभी को नाश्ता, प्रसाद व चाय, शरबत दिया जाता है। श्रावण महीना की अंतिम सोमवारी पर एक लाख कांवरियों ने जलाभिषेक किया। त्रेतायुग में पांच पांडव अज्ञातवास के समय भीम द्वारा बनाए गए चूल्हा, अर्जुन द्वारा पूजे गए शिवलिंग, हाथी-घोड़े के पंजे, पत्थर पर लिखावट, अर्जुन द्वारा चलाए गए वाण से छेद, अर्जुन पेड़ हैं जो आज भी जीवित हैं। नदी के बीच में स्थित शिवलिंग की प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है, जो सच्चे मन से पूजा-अर्चना करता है उसकी मनोकामना पूरी होती है। मेले को सफल बनाने में शिव पूजा कमेटी व ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

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