जिले में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में डॉक्टर के ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने की लगातार शिकायतों को लेकर पिछले दिनों जिला आयु चिकित्सा पदाधिकारी प्रभात कुमार की ओर से कई केंदो का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान कई केंदो पर पदस्थापित चिकित्सक ड्यूटी से गए पाए गए थे। वहीं केंद्र भी बंद पाया गया था। इसे लेकर उनकी ओर से वैसे चिकित्सकों के वेतन पर रोक लगाते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गई है। पदाधिकारी की ओर से जिन आयुष चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगी गई है उसमें उप स्वास्थ्य केंद्र हीरोडीह में पदस्थापित तौफीक अकरम ,तिलैया डैम आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थापित अखिलेश कुमार, कांटी के सुनील सिंह, जेरुआडही के प्रियंका कुमारी, डोमचांच के अंकिता कुमार,ी मसमोडही के अलकारानी, ढाब के विश्वनाथ विपुल ,फुलवरिया के निशा जायसवाल शामिल है। संतोष कुमार | कोडरमा सरकार की ओर से लोगों को देशी चिकित्सा पद्धति के तहत होम्योपैथिक आयुर्वेदिक एवं यूनानी पद्धति से इलाज की सुविधा प्रदान करने को लेकर काफी संख्या में आयुष औषधालय भवन के निर्माण के अलावे आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति कर प्रतिमाह लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके लोगों को इस पुरानी चिकित्सा पद्धति से इलाज की सुविधा सही तरीके से नहीं मिल पा रही है । अब भी जिले में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। साथ ही केंद्रों पर पदस्थापित चिकित्सकों के अक्सर केंद्र से गायब होने की भी शिकायत मिलती रही है। इसके अलावा आयुष केंद्रों पर लोगों को होम्योपैथिक की दवा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है । केंद्र से अक्सर चिकित्सकों के गायब रहने को लेकर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी की ओर से पिछले दिनों कई आयुष चिकित्सकों से स्पष्टीकरण एवं उनके वेतन पर रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय रहे कि जिले में कुल 34 जगह पर संचालित आयुष केंद्रों में आयुष सामुदायिक चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। वही इन केंद्रों में वर्तमान में कुछ आयुष चिकित्सकों के पदों के रिक्त हो जाने के बाद वहां आरवीएसके के तहत चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है । सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि जिले में संचालित आयुष चिकित्सालय सह आयुष आरोग्य मंदिर में लगभग 28 जगह पर होम्योपैथिक के डॉक्टर पदस्थापित है। मगर यहां होम्योपैथिक दवा उपलब्ध नहीं है । वहीं दो केंदो पर यूनानी एवं चार पर आयुर्वेदिक चिकित्सक नियुक्त किए गए हैं।


