पंजाब के शिक्षा मंत्री बैंस की धार्मिक सजा पूरी:गोल्डन टेंपल में माथा टेका, जूते किए साफ; शहीदी समारोह में नाच-गाना कराया था

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई धार्मिक सजा पूरी की। उन्होंने आज यानी बुधवार को सजा पूरी होने के बाद सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। यह सजा श्रीनगर में एक धार्मिक कार्यक्रम में उनकी भूमिका को लेकर दी गई थी। मंत्री बैंस ने श्री हरमंदिर साहिब में 1100 रुपए का कड़ाह प्रसाद भेंट किया। उन्होंने दसवंद के रूप में अपने एक महीने का वेतन दान किया। साथ ही अपने प्रिपरेटरी फंड से 20 लाख रुपए की राशि भी दी। यह राशि धार्मिक स्थलों की सड़कों और सेवाओं के लिए समर्पित की गई। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली के शीशगंज गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। जहां उन्होंने जूते साफ करने की सजा को पूरा की थी। 6 अगस्त को मिला हुक्म
बैंस ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से 6 अगस्त को मिला हुक्म उनके लिए पितृतुल्य गुरु का आदेश था। उन्होंने इसे पूरी निष्ठा से निभाया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय गुरु साहिब और छठे गुरु हरगोबिंद साहिब जी की कृपा को दिया। सेवा पूरी करने के बाद उन्होंने पंथ से क्षमा याचना की। उन्होंने गुरु साहिब से पंथ, राष्ट्र और पंजाब की सेवा करने की शक्ति मांगी। मंत्री बैंस ने कहा कि वे मंत्री और सेवक, दोनों रूपों में धर्म और समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। जाने क्या हुआ था…
श्रीनगर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस समारोह में गीतों ओर मनोरंजन के साथ नाच गाना किया गया था। इस कार्यक्रम को लेकर विवाद हुआ है, उसमें पंजाबी सिंगर बीर सिंह ने परफॉर्मेंस दी थी। 1 अगस्त को मंत्री हरजोत सिंह बैंस और भाषा विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह जफर को पांच सिंह साहिबानों के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया था। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने मंत्री बैंस को 6 अगस्त को सजा सुनाते हुए कहा था कि अभी अमृतसर में गोल्डन टेंपल से गुरुके महल तक पैदल जाएंगे। यहां साफ-सफाई करांगे। इसके बाद गुरुद्वारा कोठा साहिब पहुंचने से 100 मीटर पहले उतर जाएंगे। यहां से गुरुद्वारे तक पैदल जाएंगे। साथ ही रास्ते में साफ-सफाई कराएंगे। इसके बाद गुरुद्वारा पातशाही बाबा बकाला साहिब पहुंचने से 100 मीटर पहले उतर जाएंगे और सड़कों को सही कराएंगे। इसके बाद हरजोत सिंह को दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब और श्री आनंदपुर साहिब में शीशगंज साहिब गुरुद्वारे जाना होगा। दोनों जगह पर नतमस्तक होकर 2 दिनों तक जोड़ा घरों में सेवा करनी होगी। साथ ही साथ 1100 रुपए की देग (प्रसाद) चढ़ाकर अरदास करवाएंगे। इस पर मंत्री ने कहा था कि मुझे सज़ा मंजूर है।

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